चरखी दादरी। रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले विभिन्न विभागों के 2016 से अधिक कर्मचारी अवकाश पर रहे। विभागों की 100 से अधिक सेवाओं का लाभ आमजन को नहीं मिल पाया। सामूहिक अवकाश लेने वालों में 1897 पक्के और 119 अनुबंधित कर्मचारी हैं। बिजली निगम, जन स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग का कामकाज बुरी तरह ठप रहा। लघु सचिवालय में नागरिक सेवाओं का लोगों का लाभ मिला तो अन्य विभागों में व्यवस्थाएं बेपटरी रहीं और अलग-अलग कामों के लिए आए लोगों को बैरंग ही लौटना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन और सरकार के उदासीन रवैये के विरोध में कर्मचारियों ने शवयात्रा निकालकर लाला लाजपतराय चौक पर सरकार को पुतला फूंककर अपने गुस्से का इजहार किया।
निजीकरण के विरोध में पिछले 10 दिनों से रोडवेज के 546 कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे थे। शुक्रवार को सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश ले लिया। इससे विभागों की सेवाएं डगमगाई रहीं और आमजन के काम नहीं हो पाए। सुबह नौ बजे से ही अलग-अलग विभागों की यूनियन में शामिल कर्मचारी रोज गार्डन पहुंचना एकत्र हो गए। सामूहिक अवकाश की अपील के समर्थन में शिक्षा विभाग के 2785 कर्मियों में से 975 अवकाश पर रहे। इनमें चपरासी से लेकर प्राइमरी शिक्षक, लेक्चरर व लिपिक स्टाफ शामिल है। इसी प्रकार जन स्वास्थ्य विभाग के 179 कर्मचारियों में से 85 सामूहिक अवकाश पर रहे और इनमें फोर्थ क्लास, क्लर्क व एसडीओ तक शामिल है। जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अवकाश पर रहने से करीब 50 से अधिक शिकायतों का समाधान नहीं हो पाया और कार्यालय पहुंचे लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। इसी प्रकार बिजली निगम के रेलवे रोड कार्यालय में तैनात 62 रेगुलर कर्मियों में से 33 और 11 अनुबंध पर लगे कर्मचारी अवकाश पर रहे। इसके चलते बिजली फॉल्ट संबंधी 30 से अधिक शिकायतों का निपटान नहीं हो पाया जबकि नए कनेक्शन की फाइल जमा कराने वालों और बिजली बिल निकलवाने आए लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
शवयात्रा निकालकर फूंका पुतला, बाधित रही ट्रैफिक व्यवस्था
सुबह नौ से दोपहर करीब डेढ़ बजे तक 20 से अधिक विभागों के कर्मचारी रोज गार्डन पहुंचते रहे। दोपहर करीब दो बजे सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले निकाली गई सरकार की शव यात्रा में विभिन्न विभागों के कर्मचारी ही नहीं छात्र व अन्य संगठन सहित विभिन्न पार्टियों से जुड़े राजनेता भी शामिल हुए। शवयात्रा से रोज गार्डन के सामने से शुरू हुई और कर्मचारी परशुराम व आंबेडकर चौक से होकर लाला लाजपत राय चौक पहुंचे। वहां उन्होंने नारेबाजी कर सरकार का पुतला फूंका और इसके बाद नारेबाजी कर रोज गार्डन पहुंचे। इस दौरान इस मार्ग की ट्रैफिक व्यवस्था एक घंटे से अधिक समय तक प्रभावित रही।
राजनेताओं ने कसे मनोहर सरकार पर तंज, कर्मचारी नेताओं ने भी लीं चुटकियां
- पूर्व इनेलो जिला अध्यक्ष नरेश द्वारका ने प्रदेश सरकार पर कटाक्ष कर हरियाणवी लहजे में कहा कि- गलती तै बांदर का हाथ में उस्तरां आगया, ईब किसै के कान कट रै हैं तो किसी की नाक।
- हरियाणा कांग्रेस पार्टी प्रदेश सचिव ने कहा कि भाजपा राज में तो कोई जहाज खरीदने के नाम पर चोरी कर रहा है तो कोई रोडवेज बसों के परमिट के नाम पर। भाजपा का अंत नजदीक आ चुका है।
- महासंघ प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र धनखड़ ने कहा कि अगर सरकार बसें नहीं खरीद सकती तो कर्मचारियों को 12 माह की बजाय 11 माह तनख्वाह देकर एक माह की कमाई बसें खरीदने में प्रयोग करे।
- इंटक प्रधान राजेश रावलधी ने सरकार की नई चालक-परिचालक की भर्ती पर चुटकी लेकर कहा कि रोडवेज की बस चार किलोमीटर चलने से पहले ही कहीं दीवार से टकरा रही है तो कहीं खाई में गिर रही है।
- वृद्धा शकुंतला देवी ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा सरकारीकरण को बढ़ावा देने की बजाय निजीकरण करने की है। यह सरकार काम में नहीं बल्कि शोषण में विश्वास रखती है।
इन विभागों व राजनेताओं ने दिया हड़ताल को समर्थन
रोडवेज कर्मचारियों को बिजली निगम, अध्यापक संघ, पीडब्ल्यूडी, इंजीनियर यूनियन, आंगनबाड़ी और आशा वर्कर, एमपीएचडब्ल्यू, अध्यापक शारीरिक शिक्षक संघ, सिंचाई विभाग, पशु पालन विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग, वेटरनरी विभाग की यूनियनों ने समर्थन दिया। इसके अलावा छात्र संघ, सरपंच एसोसिएशन, जाट आरक्षण संघर्ष समिति सहित कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान, अजीत फौगाट, भूपेंद्र फौगाट, जनसेवा महासंघ से संजीव मंदोला व सत्यवान शास्त्री, समाजसेवी उमेद पातुवास, इनेलो नेता विजय मंदोला, पूर्व विधायक धर्मपाल सांगवान, जगजीत सांगवान, इनेलो नेता सज्जन बलाली का समर्थन मिला।