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किसानों से खरीदे गए 70 हजार क्विंटल बाजरे का नहीं हुआ भुगतान, 10 दिन से काट रहे मंडी के चक्कर

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चरखी दादरी। अनाज मंडी में खरीदे 70 हजार क्विंटल बाजरे की सरकारी खरीद की पेमेंट अटकी पड़ी है। अब मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारी सोमवार तक इंतजार करेंगे। उसके बाद मंडी आढ़तियों को नोटिस भेजेंगे। इस समय करीब 50 आढ़तियों के जरिए बाजरा की सरकारी खरीद की जा रही है। आढ़तियों को सरकार की तरफ से कमीशन मिलता है। मंडी में आठ अक्तूबर के बाद की खरीद की पेमेंट पेंडिंग चली रही है। अनाज मंडी में एक अक्तूबर से बाजरे की सरकारी खरीद का काम चल रहा है। यह खरीद इस समय हैफेड कर रही है। बाजरे का इस बार समर्थन मूल्य 1950 रुपये प्रति क्विंटल होने की वजह से मंडी में बाजरे की आवक ज्यादा हो रही है। किसानों ने बाजरे की इस बार गत वर्ष की तुलना में ज्यादा क्षेत्र में बिजाई की थी। इस समय मंडी में बाजरा खरीद का काम जारी है। शनिवार को पांच हजार क्विंटल बाजरे की खरीद की गई। खरीद के लिए सरकार ने मंडी में स्पेशल तौर पर निगरानी के लिए एचसीएस ऑफिसर भी तैनात कर रखा है ताकि खरीद में कोई दिक्कत न आए और किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके। इस समय किसानों की खरीद की पेमेंट का भुगतान करना सरकार और विभाग के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। कहीं किसान का बैंक खाता मैच नहीं कर रहा तो किसी के अन्य कागजात अधूरे हैं।
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10 हजार क्विंटल बाजरे की ही हुई है पेमेंट
जिला खरीद अधिकारी एचसीएस विकास यादव ने बताया कि इस समय 70 हजार क्विंटल बाजरे की पेमेंट लटकी हुई है जबकि अब तक कुल 80 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि खरीद संबंधित सभी किसानों के विभाग ने आई व जे फार्म भरकर भेज रखे हैं। मंडी आढती को यह फार्म स्वीकार करने होते हैं। मंडी आढ़ती की तरफ से स्वीकार करने पर अंत में पेमेंट हैफेड की तरफ से ही की जानी होती है। जिला खरीद अधिकारी ने बताया कि जिन आढ़तियों ने यह आई व जे फार्म को एक्सेप्ट नहीं किया है उनका सोमवार तक इंतजार किया जाएगा। उसके बाद इन आढ़तियों को नोटिस भेजे जाएंगे। मंडी में करीब 50 आढ़ती बाजरे की सरकारी खरीद में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

मंडी आढ़ती खरीदे बाजरे का रोजाना जे और आर फार्म भरकर कमेटी कार्यालय में जमा करवा देते हैं। उनके पास कोई फार्म पेंडिंग नहीं हैं। उनके पास किसानों की कोई डिटेल बकाया नहीं है। अब पेमेंट हैफेड को करनी है। - रामकुमार रिटोलिया, प्रधान अनाज मंडी
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