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स्वास्थ्य सेवाओं से शुक्रवार को जूझता रहा आमजन, नहीं हुए अल्ट्रासाऊंड

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से बाधित चल रहे स्वास्थ्य सेवाएं शुक्रवार को हड़ताल खत्म होने के बावजूद भी सुचारु नहीं हो सकी। इसके पीछे कारण यह रहा कि शुक्रवार को प्राईवेट अस्पताल संचालक हड़ताल पर रहे। निजी अस्पतालों की हड़ताल होने के कारण मरीजों को खासी दिक्कत उठानी पड़ी। वहीं, इस वजह से सामान्य अस्पताल की ओपीडी में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। आम दिनों में सामान्य अस्पताल में जहां 700 के करीब मरीज पहुंचते हैं तो ये संख्या शुक्रवार को करीब 950 रही। हालांकि सामान्य अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या पूरी होने के चलते ओपीडी में भीड़ होने के बावजूद भी मरीजों को चेकअप के लिए ज्यादा देर तक इंतजार नहीं करना पड़ा। लेकिन अल्ट्रासाउंड न होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

गर्भवती महिलाओं के नहीं हुए अल्ट्रासाउंड
सामान्य अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र का प्रिंटर खराब होने के चलते सामान्य अस्पताल के द्वारा निजी अस्पतालों को पैनल पर लिया हुआ है। जहां पर गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड फ्री करवाए जाते हैं, इसके लिए सामान्य अस्पताल इन अस्पतालों को प्रति महिला के हिसाब से 200 रुपये देता है। निजी अस्पतालों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को महिलाओं का अल्ट्रासाउंड नहीं हो सका, ऐसे में अब इनका अल्ट्रासाउंड सोमवार को हो सकेगा। इसके बाद ही गायनी एक्सपर्ट से गर्भवती महिलाएं दवाई ले सकेंगी।
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मजबूरी में मरीज गए रोहतक
जिन मरीजों को पेट संबंधी दिक्कतें थी, उन्हें चिकित्सकों के द्वारा रोहतक पीजीआई में रेफर किया गया। क्योंकि सामान्य अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में मरीजों को काफी तकलीफ उठानी पड़ी। दिक्कतों के साथ-साथ मरीजों की जेब पर भी हड़ताल भारी पड़ी क्योंकि रोहतक तक एंबुलेंस से आने-जाने का खर्चा काफी हो गया।

रोहतक जा रहा हूं, अपेंडिक्स था दर्द
1. बेरी निवासी 52 वर्षीय चंद्रपाल ने बताया कि उसके पेट में तेज दर्द होने के चलते वह झज्जर के सामान्य अस्पताल में आया था। यहां पर सामान्य अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न प्रिंटर होने के और निजी लैब में हड़ताल होने के चलते उसका टेस्ट नहीं हो पाया। इसलिए अब चिकित्सकों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया है।

2. झज्जर शहर की ही रहने वाली महिला सुनीता ने बताया कि वह अपनी देवरानी को लेकर अस्पताल में आई थी। लेकिन अल्ट्रासाउंड न होने के कारण चिकित्सकों ने अब सोमवार को आने के लिए कहा है। गायनी विभाग की चिकित्सक तो दवा भी अल्ट्रासाउंड देखने के बाद ही देती हैं।
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वर्जन
निजी अस्पतालों और लैबों की हड़ताल होने के कारण शुक्रवार को ओपीडी में इजाफा हुआ है। सामान्य अस्पताल का अल्ट्रासाउंड केंद्र का प्रिंटर खराब होने के चलते गर्भवती महिलाओं का टेस्ट पैनल वाले अस्पताल में निशुल्क करवाया जाता है। हड़ताल के चलते वहां पर भी जांच नहीं हो पाई। सोमवार से स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हो जाएंगी।
- डॉ. मुरारी, एसएमओ, सामान्य अस्पताल झज्जर।
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