टीमें गठित कर प्री ट्रेनिंग करवाई, पशु गणना अब तक नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जिले में 16 जुलाई से शुरू होने वाली पशु गणना अब तक शुरू नहीं हो पाई है। पशु पालन विभाग की 15 अक्तूबर तक यह कार्य पूरा करने की प्लानिंग थी लेकिन निर्देश न मिलने के चलते यह धरातल पर नहीं उतरा है। इससे पहले कर्मचारियों को दो माह पूर्व प्री ट्रेनिंग भी देने के साथ-साथ ड्यूटी सुपरवाइजर की नियुक्ति और 27 टीमों का गठन भी किया जा चुका है। अब डिजिटल पशु गणना शुरू करवाए जाने को लेकर सरकार की तरफ से कोई निर्देश नहीं मिलने से विभाग अधिकारी भी दुविधा में हैं। यह पशु गणना 15 अक्तूबर तक पूरी किए जाने की प्लानिंग है। इसके तहत घर-घर जाकर पशुओं के आंकड़े लैपटॉप के जरिए ऑनलाइन अपडेट किए जाने हैं। जिले का राजकीय पशु अस्पताल 1960 में बना था तब से लेकर अस्पताल उसी रूप में ही चला आ रहा है। अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार पर कतई ध्यान नहीं दिया गया है जबकि आबादी बढ़ने के साथ-साथ पशुओं की संख्या और उनमें खानपान की वजह से बीमारियों का दायरा भी लगातार बढ़ा है।
पशुओं की संख्या के अनुरूप ही तैयार की जाती हैं प्लानिंग
सभी प्रकार के पशुओं की संख्या के आधार पर ही विभाग प्लानिंग तैयार करता है। सभी सरकारी स्कीमों की प्लान संख्या के अनुसार ही तैयार की जाती हैं। इस प्लान के तहत पहले पशुओं का पूरा डाटा तैयार करना होता है ताकि उसी के अनुरूप नए पशु अस्पताल खोले जा सके और दवाओं की उपलब्धता में भी विस्तार हो सके। पशु चिकित्सकों की भर्ती भी पशु संख्या के अनुपात में ही की जाती है ताकि सभी पशुओं की बीमारियों पर भी साथ- साथ अंकुश लगाया जा सके। गणना के आधार पर दुधारू पशुओं के लिए विशेष बजट निर्धारित किया जा सके। इस बार पशुपालन विभाग डिजिटल पशु गणना करवाने की प्लानिंग में है। पशु गणना 16 जुलाई से शुरू होनी थी। यह गणना 15 अक्तूबर तक पूरी करने की प्लानिंग है। इसके लिए वीएलडीए और चिकित्सकों की ड्यूटी भी लगाई गई हैं। यह टीमें घर-घर जाकर पशुओं की जानकारी जुटाएंगे और उसी समय लैपटॉप के जरिए डाटा को अॅानलाइन अपडेट किया जाया जाना है। इस गणना के लिए 87 वीएलडीए चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। यह चिकित्सक पूरी तरह से डिजिटल तकनीक से युक्त घरों में पहुंचेंगे। उसी समय डॉटा को अपडेट किया जाना है। 27 सुपरवाइजर लगातार निगरानी रखेंगे ताकि गणना में किसी प्रकार की कोई परेशानी न आए। इससे पहले 2012 में पशु गणना हुई थी। यह पशु गणना भारत सरकार के निर्देशों पर की जा रही है। डिजिटल गणना के लिए टैब की मदद ली जानी है लेकिन अब तक यह टैब विभाग के पास नहीं पहुंचे हैं इस वजह से पशु गणना पर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। गणना के लिए टैब, प्रफार्मा, स्टेशनरी का सामान और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जरूरत है लेकिन कुछ सामान नहीं पहुंच पाया है। चिकित्सकों को केवल प्री-ट्रेनिंग जरूर दी गई है जबकि मेन ट्रेनिंग टैब मिलने के बाद पूरी होनी है।
जिले में हैं 2.66 लाख पशु
चरखी दादरी में इस समय गाय, भैंस, भेड़, बकरी, घोड़ा, बछड़े व कटड़ों समेत दो लाख 66 हजार 418 पशु हैं। आजकल पशुओं में नित नए रोगों को बढ़ावा मिल रहा है लेकिन पशु उपचार का दायरा न बढ़ने की वजह से पशुपालकों को समय- समय पर काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। पशु की हानि से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। इन पशुओं की गणना होने पर उसी अनुपात में चिकित्सा संबंधी प्लान तैयार की जा सकेंगी।
गणना में ये पशु होंगे शामिल
गणना के दौरान गाय, भैंस, कटड़ा, बछड़ा, मुर्गा, घोड़ा, भेड़, बकरी शामिल हैं। इनमें घरेलू और लावारिस पशु भी शामिल होंगे। पशु गणना के लिए सुपरवाइजर भी लगाए हैं, निगरानी समितियां भी गठित की गई लेकिन अब दो माह बीतने पर भी पशु गणना शुरू करने को लेकर कोई निर्देश नहीं मिलने से विभाग अधिकारी भी दुविधा की स्थिति में है। यहां तक पशु गणना के लिए ड्यूटीधारकों को प्री- ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। विभागीय सर्कुलर के अनुसार 15 अक्तूबर तक यह गणना पूरी की जानी है।
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पशु गणना शुरू करवाए जाने को लेकर हेड ऑफिस से कोई निर्देश नहीं आए हैं। जैसे ही निर्देश मिलेंगे पशु गणना शुरू करवा दी जाएगी। - डॉ. जयपाल, उपनिदेशक पशुपालन विभाग