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तालाब से निकाली गाद से बच्चों को मिले तीन जिंदा ग्रनेड

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तालाब की गाद से मिले तीन जिंदा ग्रेनेड
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- चरखी दादरी गांव रावलधी स्थित बाबा न्याराम दास मंदिर के समीप स्थित मुख्य तालाब की हो रही है छंटाई
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
शहर के समीपवर्ती गांव रावलधी के मुख्य तालाब से निकाली गई गाद में शनिवार सुबह बच्चों को तीन ग्रेनेड मिले। गनीमत रही कि सही समय रहते सरपंच प्रतिनिधि की नजर बच्चों पर पड़ गई और उन्होंने जाकर इन्हें नीचे रखवाया। इसके बाद मामले की सूचना सदर थाना पुलिस को दी गई। इसके तुरंत बाद एसपी सुनील दलाल ने आईजी सीआईडी को बम निरोधक दस्ता भेजने के लिए पत्र लिखा। रोहतक से आए बम निरोधक दस्ते ने करीब एक घंटे बाद इन्हें ब्लास्ट कर निष्क्रिय कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मधुबन से इसकी फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई शुरू की जाएगी
ग्राम पंचायत पिछले कुछ रोज से गांव रावलधी स्थित बाबा न्यारम दास मंदिर परिसर के साथ लगते मुख्य तालाब की छंटाई करवा रही है। कुछ दिन पहले इसकी तलहटी में जमा गाद को निकाला गया था। शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे गांव के कुछ बच्चे खेलते-खेलते तालाब के पास जा पहुंचा। उन्होंने कपड़े में बंधे तीन ग्रेनेड को उठा लिया और इससे खेलने लगे। इसी दौरान वहां मौजूद सरपंच प्रतिनिधि राजेश पोले की नजर बच्चों पर पड़ गई। वो तुरंत बच्चों के पास पहुंचे और तीनों ग्रेनेड नीचे रखवाकर बच्चों को वहां से दूर हटा दिया। ग्रेनेड मिलने की सूचना पाकर वहां कार्य कर रहे श्रमिक भी पहुंच गए और देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई। इसी दौरान सदर थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बमों को तालाब से हटकर मिट्टी पर रखवा दिया। शाम करीब सवा पांच बजे इंचार्ज सुरजीत सिंह की अगुवाई में बम निरोध दस्ता मौके पर पहुंचा और ग्रेनेड को निष्क्रिय किया। इसके बाद टीम ने कहा कि ग्रेनेड़ों मधुबन स्थित फोरेंसिक लैब में जांच करवाई जाएगी। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि ग्रेनेड की मार क्षमता क्या थी और ये कहां से लाए गए थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो किसी सैनिक पर ही इनके लाने का शक है।
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वर्जन:
सभी ग्रेनेड को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया है। मधुबन से रिपोर्ट आने के बाद भी कुछ ठोस जानकारी ग्रेनेड के बारे में पता चल पाएगा। फिलहाल दादरी सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में चार एक्पलोसिव एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
-सुनील दलाल, एसपी, चरखी दादरी



आठ घंटे रखे रहे ग्रेनेड, युवा नहीं चूके सेल्फी लेने से
चरखी दादरी (ब्यूरो)। गांव रावलधी स्थित तालाब की तलहटी से निकाली गई गाद से मिले ग्रेनेड आठ घंटे तक रखे रहे। बम निरोधक दस्ते ने शाम करीब सवा छह बजे इन्हें निष्क्रिय किया। इससे पहले युवा जहां ग्रेनेड को हाथ में लेकर सेल्फी लेते नजर आए तो वहीं बड़े-बुजुर्गों ने भी बेरोक टोक इसे उठाया। दोपहर बाद एक पुलिस कर्मचारी को मौके पर भेजा गया लेकिन इसका भी कोई फायदा धरातल पर नजर नहीं आया। सूचना पाकर यहां पहुंचे लोग बेखौफ होकर मौत के सामान को हाथ में उठाकर पास से देखने में मशगूल नजर अए। यहां लोगों और प्रशासन की चूक किसी भी भारी पड़ सकती थी।
सुबह करीब साढ़े नौ बजे रावलधी तालाब से निकाली गई गाद में बच्चों को कपड़े में लिपटे मिले तीन जिंदा ग्रनेड की सूचना क्षेत्र में फैल गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सदर थाना पुलिस टीम भी मौके का मुआयना करने के बाद चली गई। यहां सुरक्षा के लिए कोई पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं किया गया। इसका फायदा युवाओं ने उठाया और वो हाथ में ग्रेनेड लेकर सेल्फी खींचते नजर आए। सरपंच प्रतिनिधि राजेश पोले ने बताया कि गांव स्थित यह मुख्य तालाब करीब तीन सौ साल पुराना है और इसकी अंतिम बार छंटाई कब की गई थी, यह किसी ग्रामीण को याद नहीं है। वहीं, अगर पुलिस सूत्रों की मानें तो ग्रेनेड केवल सेना या अर्द्घसैनिक बलों के पास ही होता है। वहीं, गांव रावलधी के करीब 60 से 70 युवा सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यहां ग्रेनेड डालने वाले का सुराग लगाना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। जिले में ग्रेनेड मिलने का यह पहला मामला है।

पहले बम निरोधी दस्ते का तो फिर आंधी रुकने का किया इंतजार
सुबह करीब साढ़े नौ बजे तीन ग्रेनेड रावलधी में मिले थे। करीब पौने दस बजे इसकी सूचना सदर थाना पुलिस को दे दी गई। इसके बाद मामले से बम निरोधक दस्ते को भी अवगत करवाया गया। सूचना देने के बाद भी कई घंटों तक पुलिस प्रशासन को बम निरोधक दस्ता आने का इंतजार करना पड़ा। करीब सवा पांच यह टीम रावलधी पहुंची और काम शुरू किया। इसी दौरान धूलभरी आंधी चल पड़ी और ग्रनेड निष्क्रिय करने का काम बीच में ही टीम को रोकना पड़ा। टीम सदस्यों ने बताया कि आंधी के दौरान ग्रनेड को निष्क्रिय करने से हवा के झोंके साथ इनसे निकलने वाले छर्रे दूर तक जाकर किसी को भी नुकसान पहुंचा सकते थे।

जिंदगी में पहली दफा देखा ग्रनेड

प्रत्यक्षदर्शी सरपंच प्रतिनिधि राजेश पोले ने बताया कि वह शनिवार सुबह करीब नौ बजे तालाब पर काम कर रहे श्रमिकों को देखने के लिए गया था। कुछ देर बाद उन्होंने देखा कि बच्चे बम नुमा किसी वस्तु को उठाए हुए थे। इसके तुरंत बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर बच्चों से इन्हें लेकर मिट्टी में रखवा दिया।

प्रत्यक्षदर्शी वीरेंद्र ने बताया कि वह भी तालाब पर था और ग्रेनेड देखकर एकदम डर गया। वीरेंद्र ने बताया कि उसे डर था कई ये फट न जाएं। पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर बम निरोधक दस्ता आने के बाद ही इन्हें डिफ्यूज करने की बात कही। मैंने पहली दफा ग्रेनेड को इतने पास से देखा है।

प्रत्यक्षदर्शी सुशील ने बताया कि ग्रनेड मिलने की सूचना पाकर वी भी मौके पर पहुंचा। यहां आकर उसने ग्रेनेड को देखा। इसके बाद वह भी अन्य ग्रामीणों के साथ पुलिस टीम के आने का इंतजार करता रहा। समय रहते अगर बच्चों से इन्हें नहीं रखवाया जाता तो कोई भी हादसा हो सकता था।
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प्रत्यक्षदर्शी अशोक ने बताया कि ग्रेनेड इससे पहले फिल्मों में ही देखा था। आज पहली दफा मैंने हकीकत में देखा। पास जाते समय थोड़ा डर भी लगा लेकिन वहां मौजूद अन्य ग्रामीणों को देखकर हौसला बढ़ गया। जब बम निरोधक दस्ते ने इसे डिफ्यूज किया तो जोरदार धमाका हुआ।



फोटो 21
तालाब की खुदाई के दौरान मिले तीन ग्रेनेड।
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बिन सुरक्षा जैकेट के ग्रेनेड को निष्क्रिय करता बम स्कवॉयड टीम सदस्य।

फोटो 23
ग्रेनेड की वीडियो बनाते बम निरोधक दस्ता टीम के सदस्य।
फोटो 24
ग्रेनेड की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण।
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बम निरोधक दस्ते के मौके पर पहुंचने के बाद ग्रेनेड देखने पहुंचेे महिलाएं।
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ग्रेनेड निष्क्रिय करने की तैयारियां करती टीम।
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इस कपड़े में लिपटे मिले हैं ग्रेनेड।
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ग्रेनेड निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू होते ही चली जोरदार आंधी।
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राजेश उर्फ पोले।
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वीरेंद्र।
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सुशील।
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अशोक।
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