बहादुरगढ़ / झज्जर। दिवाली की रात हुई आतिशबाजी से कई जगह दुर्घटनाएं भी हुई। एचएल सिटी और गांव आसौदा में आग लगने की घटना भी हुई। हालांकि ज्यादा हानि नहीं हुई। दूसरी तरफ आतिशबाजी से 7 लोग झुलस गए। इनमें दो बच्चे भी शामिल थे।
रविवार को शाम होते ही आतिशबाजी का दौर शुरू हो गया था। पर्व की खुशी में लोगों ने बम-पटाखे छोड़े। देर रात तक आतिशबाजी का दौर चला। नागरिक अस्पताल में दिवाली के दिन पटाखों से झुलसे 7 केस पहुंचे। इनमें दो बच्चे तो पांच वयस्क शामिल रहे। सभी प्राथमिक उपचार के बाद घर लौट गए। निजी अस्पतालों में भी कई लोग झुलसकर पहुंचे। इनमें किशोरों की संख्या काफी रही। आग से मनीष निवासी लाइनपार, हरीश निवासी नई बस्ती, सतेंद्र निवासी विकास नगर, लालचंद कॉलोनी निवासी नीरज कुमार व नवीन कुमार शामिल रहे। आतिशबाजी के चलते सोमवार की अल सुबह गांव आसौदा में बिटोड़ों में आग लग गई। पशु पालकों काे काफी नुकसान हुआ। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। एचएल सिटी इलाके में एक गोदाम में आग लग गई। जिसमें कुछ सामान जल गया। यहां दमकल विभाग के कर्मचारियों ने पहुंचकर आग फैलने से रोकी। झज्जर में दो युवा शहर के व तीन अन्य क्षेत्रों के आतिशबाजी करते समय झुलस गए। जिनको परिजनों द्वारा शहर के सामान्य अस्पताल में लाया गया। जहां से दो प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक पीजीआई रेफर कर दिए। वही तीन जले हुए लोगो को दवाई देकर घर भेज दिया गया। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अजय सिंगला ने बताया कि दीवाली के त्योहार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्पेशल बर्निग वार्ड बनाया गया है। उन्होंने बताया कि ज्यादा गंभीर मामले नही आए।
सीएमओ डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने कहा कि आतिशबाजी में दुर्घटना होने की आशंका को देखते हुए अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं चालू रखने के आदेश थे। चिकित्सकों और स्टाफ सदस्यों ने मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाई। जिले में आग से झुलसने के कुल 12 केस सरकारी अस्पतालों में पहुंचे, लेकिन गनीमत रही कि सभी खतरे से बाहर थे। कोई भी केस रेफर नहीं हुआ। नागरिक अस्पताल बहादुरगढ़ में आईसीयू वार्ड सुचारू रूप से चलाने के आदेश जारी किए हैं।