चरखी दादरी। आढ़तियों की हड़ताल से खरीद ठप होने के कारण पिछले 96 घंटों से सुनसान पड़ी दादरी अनाज मंडी सरसों और गेहूं की खरीद होने से सोमवार से दोबारा गुलजार हो जाएगी। आढ़तियों ने शनिवार सुबह बैठक में हड़ताल खत्म कर सोमवार से खरीद करने का एलान कर दिया। यही नहीं बैठक में एक दूसरे पर रात के समय सरसों खरीद के आरोप भी लगाए गए। आढ़तियों की हड़ताल खत्म होने की जानकारी पर मार्केटिंग बोर्ड ने सोमवार से शुक्रवार तक का खरीद शेड्यूल भी जारी कर लिया है। पांच दिनों में 34 गांवों के किसानों की सरसों खरीदी जाएगी।
दादरी मंडी में 65 हजार क्विंटल सरसों खरीदने के बाद से ही इस प्रक्रिया पर ब्रेक लगा हुआ है। मंडी में अंतिम खरीद नौ अप्रैल को हुई थी और सरसों की बंपर आवक होने के कारण मंडी में जगह का अभाव हो गया था। इसके अगले दिन दस अप्रैल को आढ़तियों ने बेमियादी हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया था। इसके चलते 10, 11, 12 व 13 अप्रैल को सरसों खरीद नहीं हो पाई थी। किसानों के न पहुंचने से इस समय मंडी में वीरानी छाई हुई है। हालांकि हैफेड ने इस मौके का फायदा उठाते हुए मंडी से सरसों की लिफ्टिंग करवा दी है और अब मंडी में सरसों डालने लिए जगह बन गई है। वहीं, मंडी सूत्रों का कहना है कि बारदाना की कमी के चलते सरसों की कुछ ढेरियां अभी लगी हुई हैं और बारदाना आने के बाद इसे बैग में भरकर गोदाम तक पहुंचाया जा सकेगा।
शनिवार सुबह करीब दस बजे मंडी आढ़ती किसान विश्राम गृह में एकत्र हुए। मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया की अध्यक्षता में उनकी बैठक हुई। बैठक में रामकुमार रिटोलिया ने बताया कि सरकार ने गेहूं की खुली खरीद करने की शर्त मान ली है। अब कोई भी किसान बिना दस्तावेज के अपना गेहूं मंडी में लाकर आढ़तियों को बेच सकता है। उन्होंने कहा कि इससे जहां किसानों की भागदौड़ कम होगी तो वहीं आढ़त का काम भी सुचारु रूप से हो सकेगा। बैठक में मार्केटिंग बोर्ड सचिव बसंत कुमार भी उपस्थित रहे। मंडी प्रधान ने कहा कि सरकार के मांगें मानने पर आढ़तियों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया है और सोमवार से मंडी में गेहूं और सरसों की खरीद शुरू की जाएगी। आढ़तियों के इस फैसले को देखते हुए मार्केटिंग बोर्ड ने 15 से 19 अप्रैल तक का शेड्यूल तैयार कर दोपहर बाद ही जारी कर दिया। पांच दिन के शेड्यूल में 34 गांवों को कवर किया गया है। बैठक में आढ़ती एसोसिएशन महासचिव विनोद गर्ग, हनुमान प्रसाद, अनिल कुमार, जयकरण, राधेश्याम, रोशनलाल, मुरली, गौरव आढ़ती मौजूद थे।