अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। सरसों खरीद के लिए दादरी अनाज मंडी में हैंडलिंग एजेंट बनाने का पेच आढ़तियों और हैफेड के बीच फंसा हुआ है। प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनील गुलहाटी की मध्यस्तता के 48 घंटे बाद भी सिरे नहीं चढ़ पाया है। अब हैफेड जीएम आरके साहनी आढ़तियों के साथ बैठक करने पहुंचे हैं। स्थिति को भांपकर जीएम ने आते ही जिला अधिकारियों की बैठक ली और तैयार किया गया शर्तों वाला एग्रीमेंट रद्द करने के आदेश दे दिए। उन्होंने आढ़तियों को आश्वस्त किया है कि मंगलवार को नए सिरे से एग्रीमेंट तैयार किया जाएगा। इससे पहले आढ़तियों से उनकी मांगें भी जानी जाएंगी।
दादरी नई अनाज मंडी में सरसों की खरीद वैसे तो सोमवार दोपहर बाद शुरू हो गई है लेकिन हैंडलिंग एजेंट की नियुक्ति का मामला अभी लटका हुआ है। आढ़तियों को जहां हैफेड की शर्तें रास नहीं आ रही तो वहीं, हैफेड इन पर अडिग है। पिछले पांच दिनों से हैफेड अधिकारियों और आढ़तियों में बैठक का दौर जारी है लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। यहां तक की एसडीएम और उपायुक्त भी इस संबंध में संयुक्त बैठक ले चुके हैं लेकिन फिर भी हैंडलिंग एजेंट की नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं हो पाया है। मामले हैफेड उच्चाधिकारियों तक पहुंच चुका है। इसी के चलते जीएम आरके साहनी सोमवार शाम करीब सवा छह बजे दादरी अनाज मंडी पहुंचे। यहां पहुंचते ही उन्होंने आढ़तियों और हैफेड के जिला अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। इसमें एग्रीमेंट में लगाई गई शर्तों से संबंधी बातचीत हुई। जीएम ने आढ़तियों से उनका पक्ष भी पूछा। इसके बाद उन्होंने हैफेड अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। बैठक में उन्होंने मौजूदा एग्रीमेंट को रद्द करने के आदेश दे दिए। उन्होंने आढ़तियों को आश्वस्त कर कहा कि मंगलवार सुबह आयोजित होने वाली बैठक में अवश्य कोई हल निकाल दियघा जाएगा।
क्या है हैंडलिंग एजेंट का काम
हैफेड खरीदे गए अनाज की लिफ्टिंग होने के बाद माल गोदाम में पहुंचने तक किसी एजेंसी को हैंडलिंग एजेंट नियुक्त करता है। हैंडलिंग एजेंट आढ़ती या कोई जमींदारा सोसायटी बनाई जा सकती है। दादरी मंडी में सरसों खरीद में आढ़तियों को हैंडलिंग एजेंट बनाने की प्रक्रिया पाइप लाइन में है। इसमें आढ़तियों का काम मंडी में आई सरसों की तुलाई करवाना, झारने से साफ करवाना और फिर बारदाना भरकर गोदामों में पहुंचाने के लिए गाड़ी में लोड कराने का है। अगर खरीदी गई सरसों की मात्रा घटती है तो इसकी हर्जाना हैंडलिंग एजेंट को भुगतना पड़ता है। आढ़तियों को हैफेड एक क्विंटल सरसों खरीद पर 40 रुपये देगी।