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दो काउंटरों पर किसानों को जारी होंगे गेटपास, कल से होगी सरसों की खरीद शुरू

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। 28 मार्च से नई अनाज मंडी में शुरू होने वाली सरसों खरीद के लिए मार्केटिंग बोर्ड ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। किसानों के मंडी में एंट्री करने से लेकर फसल बेचने और खरीद एजेंसी को समय से भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, मंडी में आने वाले किसानों को दो काउंटर से गेट पास जारी किए जाएंगे। पिछली दफा शुरूआत में एक काउंटर होने से किसानों को भारी परेशानियां आई थी। इसे देखकर इस बार शुरूआत से ही दो काउंटर बनाने का निर्णय लिया गया है। शुरूआत में नैफेड के लिए हैफेड सरसों की खरीद करेगी। इसका लक्ष्य 17 हजार मीट्रिक टन रखा गया है। वहीं, गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होगी। खरीद सीजन के मद्देनजर मार्केटिंग बोर्ड ने अनाज मंडी की चारों पेयजल टंकियों और शौचालयों को साफ करवाकर पानी की व्यवस्था कर दी है।
सरसों का समर्थन मूल्य 4200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। मंडी में खरीद के लिए दो काउंटर बनाकर गेट पास जारी किए जाएंगे। मंडी में खरीद के लिए बारदाना का स्टॉक 15 दिन का एडवांस में रखे जाने की प्लानिंग है। वहीं, किसान भवन में किसानों के ठहरने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। किसानों के वाहनों के खड़ा करने के लिए भी व्यवस्था की जा रही है ताकि जाम न लगने पाए। कई बार मंडी में जाम की वजह से खरीद का कार्य भी बाधित हो जाता है। खरीदे हुए बैग को रखने को जगह नहीं मिलती। खरीद बंद होने पर किसान भड़क जाते हैं। मंडी में बारदाना का स्टॉक 15 दिन का रखने की प्लानिंग है। कई बार बारदाना खत्म होने पर खरीद कार्य ठप हो जाता है इस वजह से मंडी में किसानों की भीड़ बढ़ जाती है। बारदाना होने पर ही खरीद नियमित रूप से संभव है। यह भी प्लान तैयार की गई है कि मंडी में रोजाना की खरीद का उठान नियमित रूप से होता रहे ताकि खरीद के लिए जगह की कमी न बनने पाए।
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25 क्विंटल से ज्यादा सरसों की नहीं होगी खरीद
एक किसान की 25 क्विंटल से ज्यादा सरसों की खरीद नहीं होगी। अगर खरीद का दूसरा राउंड शुरू हो जाता है तो किसान की फालतू सरसों को खरीदा जा सकेगा। सरसों में नमी की मात्रा आठ प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसी प्रकार नरम दाना की मात्रा चार प्रतिशत, मिक्सिंग अनाज की मात्रा आठ प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। डैमेज दाना दो प्रतिशत व अन्य अनाज की मिलावट 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
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यह रहेगी खरीद प्रक्रिया
जिन किसानों ने अपनी बिजित सरसों की फसल का ऑनलाइन पंजीकरण करवा रखा है उन्हीं किसानों की सरसों खरीदी जाएगी। गत दिसंबर माह में सरकार ने किसानों से रबी की फसलों की बिजाई का ऑनलाइन ब्योरा मांगा था। अब खरीद से पहले किसान को ऑनलाइन पंजीकरण की प्रति व जमीन की फर्द संबंधी कागजात को तहसीलदार एवं पटवारी से वैरिफाई करवाना होगा। यह वैरिफाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद मार्केटिंग बोर्ड उस किसान की फसल खरीद के लिए गेट पास जारी करवाएगा। गेट पास जारी होने के बाद किसान की सरसों खरीदी जाएगी। गेट पास के लिए दो मेन काउंटर बनाए जा रहे हैं। इन काउंटर पर जांच करके गेट पास जारी किए जाएंगे। इस बार जिले में 53 हजार 900 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों है। जनवरी से अब तक बीचबीच में हुई बारिश से सरसों की फसल में इस बार बढ़िया पकाव होने पर बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। पिछली बार की तुलना में इस बार सरसों का रकबा करीब छह हजार हेक्टेयर बढ़ा है।


सरसों और गेहूं खरीद की तैयारियां हमने पूरी कर ली हैं। इस संबंध में खरीद एजेंसियों को दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। किसानों को दो काउंटरों से गेट पास जारी किए जाएंगे। मंडी में पेयजल और शौचालय की व्यवस्था भी किसानों के लिए कर दी गई है। - बसंत कुमार, सचिव, मार्केटिंग बोर्ड
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सात दिन में भुगतान न होने पर आढ़ती को सरकार और किसान को आढ़ती देंगे 12 प्रतिशत ब्याज
चरखी दादरी। जिले में रबी की फसल खरीदने के लिए प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां कर ली गई हैं। वीरवार से सरसों और एक अप्रैल से गेहूं की शुरू होने वाली खरीद के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। यह बात उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने राज्य सरकार के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के साथ आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में कही। कांफ्रेंस में प्रधान सचिव खुल्लर ने कहा कि सरसों की सरकारी खरीद के लिए किसान को ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि केवल पंजीकृत किसानों की ही सरसों सरकारी रेट पर खरीदी जाएगी। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिए कि सरसों की खरीद के लिए वे गांव और उसके साथ लगती मंडी का रोस्टर बना लें। किस गांव की फसल, किस मंडी में और किस दिन खरीदी जाएगी, यह सब रोस्टर में ले लें, लेकिन ध्यान रहे कि किसान को सरसों बेचने के लिए दूर की मंडी न दी जाए। गांव में चौकीदार के माध्यम से किसानों को उसकी जानकारी भी दी जाए। प्रारंभ में 15-20 दिन तक सरसों की खरीद हैफेड एजेंसी करेगी, जिसका लक्ष्य 17 हजार मीट्रिक टन रखा गया है और उसके बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग खरीद करेगा। सरसों की खरीद बाजरा खरीद की तर्ज पर रहेगी। गेहूं का मूल्य 1840 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने बताया कि इस बार गेहूं की पेमेंट को लेकर कुछ नए प्रावधान किए हैं। इसके लिए सरकार ने कुछ बैंकों से टाई अप किया है। सरकार से रुपया बैंकों को जाएगा और बैंक से आढ़तियों के पास जाएगा, जहां से किसान को पेमेंट होगी। इस प्रक्रिया में बीसीएपी यानी बिलिंग-कम-पेमेंट एजेंट नाम के व्यक्ति को बीच से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि आढ़ती के पास बैंक से सात दिन तक भुगतान नहीं पहुंचेगा, तो उस राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज सरकार अदा करेगी। इसी प्रकार किसान को भी आढ़ती से पेमेंट सात दिन के बाद मिलती है तो ऐसी सूरत में वह आढ़ती से 12 प्रतिशत ब्याज की मांग कर सकता है। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि जिले में गेहूं खरीद के लिए दादरी, बौंद कलां, बाढड़ा व झोझू खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जबकि सरसों की खरीद दादरी व बाढड़ा अनाज मंडी में की जाएगी। सरसों की खरीद के लिए दादरी जिला के 29 हजार 730 किसान पंजीकरण करवा चुके हैं।
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