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अब खिलाडिय़ों की प्रतिभा निखारने को जिले में खुलेंगी नई खेल नर्सरियां

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नई खेल नर्सरियों खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने को जिले में खुलेंगी नई खेल नर्सरियां
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मान्यवर,
माई सीटी पेज की संभावित लीड खबर---
-सरकारी और प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं में खोली जाएंगी नर्सरियां
- जिले में विभिन्न खेलों के 500 खिलाड़ी सक्रियता से कर रहे अभ्यास
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जिले में अब नये सिरे से सरकारी व प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं में नई खेल नर्सरियों खुलेंगी। इसके लिए खेल विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन खेल नर्सरियों में इस बार खिलाड़ियों को खेल सुविधाएं भी उपलब्ध करवाए जाने की प्लानिंग है। जिले में विभिन्न खेलों के करीब 500 खिलाड़ी समय- समय पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत रहे हैं।
जिले मेें कुश्ती, कबड्डी ,वॉलीबाल,एथलीट, फुुटबाल, कराटे व बेडमिंटन सहित विभिन्न खेेलों में खिलाड़ी अपना करियर बनाने के लिए प्रतिदिन अभ्यास करते हैं। बहुत से खिलाड़ी तो अपने स्तर पर खेल अभ्यास कर रहे हैं उन्हें सरकार की ओर से सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। जिले के बौंद कलां ब्लॉक क्षेत्र के खिलाडिय़ों में हॉकी खेल का कैरेज है। गांव भागवी, ढाणी फौगाट, पैतावास कलां, चरखी, डोहकी,नीमली आदि कई गांवों में खिलाड़ी फुटबाल गेम को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसी प्रकार आदमपुर डाढ़ी,झोझू कलां क्षेत्र में कबड्ड़ी व कुश्ती खेलों के ज्यादा संख्या में खिलाड़ी हैं। मंदोला,मंदोली,दाढ़ी बाना, मकड़ाना, मकड़ानी व आदमपुर में वॉलीबाल खेल में खिलाडिय़ों की ज्यादा रूचि है। आदमपुर क्षेत्र से दो खिलाड़ी भारतीय कबड्डी टीम का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। गांव मकड़ाना से अर्जुन अवार्डी संजय भारतीय वॉलीवाल टीम में खेल चुके हैं।
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-- अब खेल विभाग की प्लानिंग है कि क्षेत्र वाइज खेलों को बढ़ावा देने के लिए उनके एरिया में ही खेल नर्सरियां शुरू कर दी जाए तो बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। इससे खिलाडिय़ों के समय की भी बचत होगी और उन्हें आने-जाने में भी किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी। खिलाड़ी प्रतिदिन नियमित रूप से अभ्यास कर सकेंगे। खेल विभाग ने करीब डेढ़ साल पहले जिले में 13 खेल नर्सरियां खोली थी जिनमें से मात्र तीन ही इस समय चल रही हैं। शेष नर्सरियों को सरकारी की ओर से निर्धारित सभी आवश्यक मापदंड पूरे न किए जाने की वजह से बंद कर दिया गया है।
= अब नए सिरे से विभाग ने तैयार की प्लानिंग
अब खेल विभाग ने नए सिरे से प्लानिंग तैयार की है इसके तहत जिले के सरकारी व प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं मेें खेल नर्सरियां खोली जाएंगी। खिलाडिय़ों के गेम के अनुरूप यह खेल नर्सरियां खोली जाएंगी। नर्सरी में कोच की भी तैनाती की जाएगी। इस बार इन नर्सरियों में सभी प्रकार की खेल सुविधाएं भी उपलब्ध करवाए जाने की प्लानिंग है। कुश्ती नर्सरियों में जिम व मैट की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। खेल नर्सरियों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। उसके बाद अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी। किन किन स्थानों पर यह नर्सरियां खोली जाएंगी उसके बाद नियमानुसार पर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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वर्सन-
जिले में नई खेल नर्सरियां खोली जाएंगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी सरकारी व प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं में यह खेल नर्सरी खोली जाएंगी। सरकारी मापदंड पूरे करवाने वाली संस्थाओं में यह सुविधा शुरू किए जाने की प्लानिंग है।
विकास कुमार, जिला खेल अधिकारी
फोटो-01
अभ्यास करते खिलाड़ी
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