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धनखड़ खाप-12 ने रईया गांव पर छोड़ा फैसला, ग्रामीण बोले नहीं देंगे रीजनल सेंटर को जमीन

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झज्जर। रईया गांव के रीजनल सेंटर को लेकर हुई पंचायत बेनतीजा रही। अंतिम फैसले के लिए अब रईया गांव की पंचायत होगी, जिसमें फैसला लिया जाएगा कि जमीन का मुआवजा लेना है या फिर जमीन सरकार को ग्रामीण देंगे ही नहीं। हालांकि खाप की महापंचायत में मौजिज लोगों ने जमीन देने के पक्ष में हाथ खड़े करवाए तो जमीन देने के पक्ष में केवल चार लोगों ने हाथ खड़े किए। जिसके बाद पंचायत में शामिल सदस्यों ने फैसला लिया कि अधिकांश ग्रामीण जमीन नहीं देने के पक्ष में हैं तो आगामी फैसला लिया जाए। लेकिन इसी दौरान सरपंच ने घोषणा कर दी कि वे खाप व गांव के साथ हैं, सरकार की तरफ नहीं हैं। जिस पर खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि जब सरपंच राजी हैं तो मुद्दा गांव में पंचायत कर निपटाया जाए। रविवार को हुई पंचायत की अध्यक्षता बुजुर्ग रामकिशन रईया ने की।

मंत्री पर टिप्पणी की तो हुआ हंगामा
किसान यूनियन के नेता प्रदीप धनखड़ ने जब मंत्री को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की तो पंचायत में खूब हंगामा हुआ। एक ग्रामीण ने तो आगे बढ़कर उनसे माइक छीनने का प्रयास किया लेकिन इसी दौरान जितेंद्र रईया ने सभी को समझाकर शांत किया व किसान नेता प्रदीप धनखड़ की वक्तव्य को बीच में ही खत्म करवा दिया। जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
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ग्रामीण बोले : खून बहा सकते हैं लेकिन जमीन नहीं देंगे
पंचायत के दौरान करीब 15 लोगों ने अपने विचार मुद्देे को लेकर रखे। जिस दौरान ग्रामीण जितेंद्र उर्फ बबला धनखड़ ने कहा कि उनके पूर्वजों की जमीन है। जिसे वे किसी भी कीमत पर सरकार को नहीं देना चाहते, अगर सरकार ने फिर भी कुचेष्टा की तो वे खून बहाने के लिए तैयार हैं। लेकिन अपने पूर्वजों की जमीन को नहीं जाने देंगे।

केस डाल चुके हैं ग्रामीण
पंचायत में बताया कि जमीन पर निर्माण को शुरू होने से रुकवाने के लिए कमिश्नर कोर्ट में केस दायर किया गया है। जिसकी सुनवाई 21 दिसंबर को होनी है। अगर यहां से उनकी याचिका खारिज हुई तो वे हाईकोर्ट से मामले में स्टे लेकर आएंगे। जिसके लिए वे पाना वाईज अपना चंदा एकत्रित भी कर चुके हैं।

तीन पंचों के हस्ताक्षर मंत्री ने करवाए
सरपंच प्रतिनिधि प्रदीप धनखड़ से जब खाप की महापंचायत में स्पष्टीकरण मांगा गया तो उन्होंने कहा कि पंचायती जमीन सरकार को ट्रांसफर करने के प्रस्ताव पर पहले केवल पांच पंचों ने हस्ताक्षर किए थे। मंत्री ने उनसे इसके बारे में कहा था कि वे कार्रवाई रजिस्टर भेज देंगे, बाकी के पंचों के हस्ताक्षर वे खुद करवा लेंगे। इसलिए उसने कार्रवाई रजिस्टर मंत्री को दे दिया था, मंत्री ओपी धनखड़ ने ही बाकी तीन पंचों के हस्ताक्षर प्रस्ताव पर करवाए हैं।
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अब गांव लेगा भविष्य का फैसला
महापंचायत में साफ हो गया है कि भविष्य का फैसला गांव की पंचायत में लिया जाएगा। हालांकि इसके लिए समय निश्चित नहीं किया है कि पंचायत कब होगी। लेकिन जिस प्रकार से महापंचायत में बयानबाजी रही, उससे लग रहा है मुद्दे पर ग्रामीण एकजुट हो जाएंगें।
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