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तहसीलदार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, संपति की विजीलैंस जांच कराने की मांग

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चरखी दादरी। अन्ना-जन चेतना मंच के बैनर तले एकत्र हुए शहर के पार्षदों, व्यापार मंडल, खापों और सामाजिक संगठनों ने तहसीलदार कंवर सिंह यादव पर भ्रष्टाचार में संलिप्त होने के संगीन आरोप जड़े हैं। इस संबंध में बुधवार को प्रदर्शन कर लघु सचिवालय में जिला प्रशासन की मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। इसमें इन्होंने तहसीलदार को बर्खास्त करने और उनकी संपत्ति की विजिलेंस जांच कराने की मांग की। नगर व्यापार मंडल ने एक सप्ताह के अंदर मांगें पूरी न होने पर शहर का बाजार बंद करने की चेतावनी दी है। वहीं, तहसीलदार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
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शहर की रासीवास धर्मशाला में बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे इस संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में पहले से प्रस्तावित प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने की रूपरेखा पर मंथन किया गया, इसके बाद सभी एकत्र होकर लघु सचिवालय पहुंचे। बैठक में नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारिया, वरिष्ठ पार्षद व व्यापार मंडल प्रधान रविंद्र गुप्ता, सांगवान खाप कन्नी प्रधान सूरजभान, अग्रवाल सभा प्रधान बलराम गुप्ता सहित अन्य पार्षदों ने भी भाग लेकर तहसीलदार के खिलाफ चलाए जाने वाले आंदोलन को अपना समर्थन दिया। लघु सचिवालय पहुंचकर इन संगठनों ने रोष जाहिर किया और डीसी अजय सिंह तोमर द्वारा भेजे गए बीडीओ नरेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपकर मांगों से अवगत कराया। इस पर बीडीओ ने यह मांग उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान लघु सचिवालय में पुलिस भी तैनात रही।
अन्ना-जन चेतना मंच के बैनर तले एकत्र हुए सभी ने आरोपी लगाते हुए कहा कि पिछले एक माह पहले ही तहसीलदार कंवर सिंह यादव की चरखी दादरी तहसील में पोस्टिंग हुई है। उनके राज में तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। इंतकाल या अन्य किसी भी कार्य के लिए आने वाले लोगों से खुले तौर पर रिश्वत की मांग की जा रही है। इसके अलावा तहसील में जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, रिहायशी प्रमाण पत्र, मैरिज रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट बनवाने के लिए लोगों को पहले चक्कर लगवाए जाते हैं और इसके बाद रिश्वत देने पर ही काम किया जाता है। इनका आरोप है कि तहसीलदार कंवर सिंह यादव की ज्वाइनिंग के बाद से ही इंतकाल के रेट भी बढ़ गए हैं।
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किसी से इंतकाल तो किसी ने पैमाइश के लिए रुपये मांगने का लगाया आरोप
मैं कुछ दिन पहले तहसील कार्यालय में किसी काम से आया था। उस काम को करने की एवज में तहसीलदार ने मुझसे 10 हजार रुपये की मांग की। मैंने रिश्वत देने से स्पष्ट मना कर दिया और अब मेरे जमीन संबंधी काम को लटका दिया गया है।
-रविंद्र गुप्ता, प्रधान, दादरी नगर व्यापार मंडल

मैं अपने प्लॉट की पैमाइश के लिए एक सप्ताह पहले तहसील कार्यालय में गया था। इस काम के बदले मुझसे 20 हजार रुपये की मांग की गई। मैंने रिश्वत नहीं दी तो पैमाइश कार्य अब तक नहीं किया गया।
-महेंद्र सिंह, व्यापारी

दो बैठकों के बाद लिया आंदोलन का निर्णय
ज्ञापन के जरिए करीब एक दर्जन सामाजिक संगठनों सहित फौगाट व सांगवान खाप के पदाधिकारियों, पार्षदों व नगर व्यापार मंडल की विभिन्न यूनिटों के पदाधिकारियों ने बताया कि इससे पहले दो बैठक आयोजित की गई थी। इन बैठकों में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया था। इसकी बुधवार को शुरूआत हो गई है। एक सप्ताह के अंदर अगर तहसीलदार को बर्खास्त करने के साथ-साथ उनकी संपत्ति की विजिलेंस जांच शुरू नहीं कराई गई तो आंदोलन को तेज करते हुए बाजार बंद किया जाएगा।

आरोप निराधार, गलत काम निकलवाने को बना रहे दबाव : तहसीलदार
इस मामले में तहसीलदार कंवर सिंह यादव ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनसे जमीन संबंधी गलत काम करवाना चाहते हैं, इसके लिए उनके मना कर दिया था। अब दबाव बनाने के उद्देश्य से वो लोग ऐसे मनगढ़ंत आरोप मुझ पर लगा रहे हैं।
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