अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
नगर परिषद अध्यक्ष शीला राठी द्वारा वार्ड-17 में जनता दरबार लगाने से तिलमिलाई वार्ड पार्षद रमिता चुघ ने चेयरपर्सन शीला राठी पर विकास कार्यों में उनके वार्ड की अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शीला राठी जब से चेयरपर्सन बनी हैं तब से वार्ड के कामों को या तो कैंसल कर रही हैं या होने नहीं दे रही।
रमिता चुघ ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि 6 जनवरी 2017 को वार्ड 17 के रामनगर की कुछ गलियों का टेंडर लगा था और 27 अप्रैल 2017 को गलियों को बनाने का टेंडर हुआ। लेकिन कुछ समय बाद चेयरपर्सन व अधिकारियों ने ठेकेदार की मिलीभगत से उस टेंडर को कैंसिल कर दिया। उसके बाद 11 अगस्त 2017 को दुबारा टेंडर लगा और अनिल ठेकेदार ने इस टेंडर को छुड़वा लिया। जनवरी 2018 को गली बनाने के लिए ठेकेदार ने उखाडना शुरू किया, लेकिन उसने गली उखाड़ कर छोड़ दी जो अभी तक नहीं बनी है। जिससे गली वाले बहुत परेशान हैं।
नहीं लगी स्ट्रीट लाइटें
रमिता ने कहा कि चार महीने पहले उनके वार्ड के कुछ लोग शीला राठी से मिले थे और ठेकेदार की शिकायत की थी, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अब जनता दरबार में वह लोगों को कहती हैं कि कोई काम हो तो मेरे पास आओ और समाधान तुरंत किया जाएगा।
रमिता का कहना है कि जब उनका टेंडर पिछली बार कैंसल हुआ तो चेयरपर्सन को शिकायत की गई, लेकिन उन्होंने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया। जब भी लोग कमेटी में जाते हैं तो यही जवाब मिलता है कि गली बनवा दी जाएगी। रमिता ने कहा कि चेयरपर्सन विकास कार्य करने के बजाय राजनीति कर रही हैं। उन्हें विकास ही करवाना हो तो उनके वार्ड के लिए लगे हुए लगभग 80 लाख के काम करवाने चाहिए। मीटिंग में किया गया 150 लाइट देने का वादा भी नगर परिषद ने पूरा नहीं किया।
रमिता ही कर रही हैं सियासत
राजनीति मैं नहीं, बल्कि वार्ड-17 की पार्षद रमिता वार्ड की भलाई कोशिशों के बजाय खुद राजनीति कर रही हैं। वह उन लोगों के इशारे पर सियासत कर रही हैं जिनको सपने में भी चेयरपर्सन की कुर्सी नजर आती है। रमिता मेरे जनता दरबार से तिलमिला रही हैं। मैं हर वार्ड में बिना भेदभाव विकास कार्य करा रही हूं। वार्ड-17 में भी कोई समस्या होगी, तो वह जल्द दूर की जाएगी। रही बात टेंडर रद्द होने की, वे अधिकारियों को तकनीकी कारणों से रद्द करने पड़े थे।
- शीला राठी, चेयरपर्सन, नगर परिषद बहादुरगढ़।