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डीसी साहब! तीन किलोमीटर पैदल पढ़ने जाती हैं बेटियां, होती है छेड़छाड़

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डीसी साहब! तीन किलोमीटर पैदल पढ़ने जाती हैं बेटियां, होती है छेड़छाड़
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
तीन किलोमीटर दूर गांव चिड़िया पढ़ने जाने वाली नौसवां गांव की छात्राएं युवकों की दबंगई और छेड़छाड़ से परेशान हैं। वीरवार को अभिभावकों और ग्रामीण के साथ छात्राएं डीसी ऑफिस पहुंची। डीसी विजय कुमार सिद्प्पा के समक्ष इन्होंने अपनी परेशानियां रखीं। छात्राओं के अभिभावकों ने स्पष्ट किया कि अगर प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो ग्रामीण अपनी बेटियों की पढ़ाई छुड़वाने को मजबूर होंगे। इन अभिभावकों ने चिड़िया स्कूल की खामियों से भी डीसी को अवगत कराया और छात्राओं के लिए बस सेवा शुरू करने की भी मांग की। डीसी वीके सिद्प्पा ने जल्द से जल्द छात्राओं की समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके तुरंत बाद डीसी ने रोडवेज के अधिकारियों से भी इस मामले में संपर्क साधा और उन्हें इस रूट पर बस सेवा शुरू करने के निर्देश भी दिए।
नौसवां गांव में प्राइमरी स्कूल की ही व्यवस्था है। डीसी ऑफिस की मानें तो नौसवां की 22 लड़कियां पढ़ाई जारी रखने के लिए चिड़िया के राजकीय स्कूल में जाती हैं। वहीं, डीसी कार्यालय पहुंचे नौसवां के पंच पप्पूराम और विरेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों विकास, रामबीर, जोरावर, रामचंद्र, राजेश कुमार, सतीश, प्रमेंद्र, संदीप, योगेश, सुनील, नीरज, रिंकू, विकास, अशोक कुमार, अमित, सूरज, अमरजीत सिंह व रामकिशन समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव की बेटियां तीन किलोमीटर दूर स्थित चिड़िया राजकीय स्कूल में पढ़ने जाती हैं। इन छात्राओं को रास्ते में चिड़िया गांव के कुछ युवक तंग करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि छात्राएं छेड़छाड़ की घटना का विरोध करती हैं तो उक्त युवक दबंगई दिखाते हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में दोनों गांवों की पंचायत भी हो चुकी है लेकिन कुछ लोग बात को सिरे नहीं चढ़ने देते और पंचायत बीच में ही खत्म करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि पैदल जाने के अलावा इन छात्राओं के पास कोई विकल्प नहीं है। छात्राओं को सुबह स्कूल जाने के समय व छुट्टी के बाद घर आते समय दबंग युवक तंग करते हैं।
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गांव में नहीं घुसने देने की मिलती है धमकी
ग्रामीण सोमबीर सिंह, संदीप, अशोक पंच, ओमवीर, रघुनाथ नंबरदार, वजीर सिंह, दीपक, नलीन, राकेश व अनमोल समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लड़कियों से छेड़छाड़ व डीजे पाबंदी को लेकर पांच गांवों की पंचायत हो चुकी है। समाज के कुछ ठेकेदार छेड़छाड़ के मुद्दे पर ध्यान न देकर समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं। आयोजित पंचायत में जब बेटियों से छेड़छाड़ की बात सामने आती है तो पंचायत को रोक देते हैं और गांव चिड़िया में नहीं घुसने देने की धमकी भी देते हैं। इस दौरान गांव की बिजली सप्लाई बाधित करने और रास्ते रोकने की भी धमकियां दी जाती है।

अभिभावकों का छलका दर्द, बोले: गरीब की बेटी ही पढ़ती है सरकारी स्कूल में
गांव की करीब 22 छात्राएं चिड़िया के राजकीय स्कूल में पढ़ने जाती हैं। डीसी से गुहार लगाने पहुंचे इन अभिभावकों का गरीबी का दर्द भी छलका। ग्रामीणों ने गुहार लगाकर कहा कि साहब, गरीब की बेटी ही सरकारी स्कूल में पढ़ने जाती है। अमीरों की बेटियां तो निजी स्कूलों में पढ़ती है और उनके स्कूल आने-जाने से लेकर सुरक्षा तक की जिम्मेवारी अभिभावकों को नहीं रहती। उन्होंने कहा कि रोडवेज बस की व्यवस्था नहीं होने से छात्राओं को पैदल ही स्कूल तक जाना पड़ता है। डीसी को सौंपे ज्ञापन में ग्रामीण राकेश कुमार, आशीष, छाजूराम, जयचंद, महावीर, मनोज, विजयपाल, अंकित, नवीन कुमार, दरबारा सिंह, आजाद सिंह, विजेंद्र व सोनू आदि ग्रामीणों ने बताया कि मनचलों की परेशानियों से छात्राएं तंग आ चुकी हैं। इन ग्रामीणों ने बताया कि दबंगई से छात्राएं मानसिक रूप से परेशान हैं और स्कूल छोड़ने की जिद पर अड़ी हुई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि एक-दो छात्राओं ने तो स्कूल जाना भी बंद कर दिया है।
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वर्जन:
ग्रामीण मुझसे मिले थे। उन्होंने समस्याओं की जानकारी मुझे दी है। जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराया जाएगा। मैंने इस संबंध में रोडवेज अधिकारियों से भी बातचीत की है। शिक्षा विभाग को भी आवश्यक दिशा-निर्देश में दूंगा ताकि छात्राओं को कोई परेशानी न हो। - विजय कुमार सिद्प्पा, डीसी, चरखी दादरी
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