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कृषिमंत्री ने रागनी से दिया महिलाओं को न्यौता

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
कृषि मंत्री ने देसां में देस हरियाणा, जित दूध-दही का खाणा का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा को दूध उत्पादन के मामले में वापस उसी स्थान पर लाने के लिए यह आयोजन समर्पित है। हरियाणवी लोक गीत न जाइए गोरी मेले में... सुनाते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा के सर्वश्रेष्ठ पशुधन को देखकर अब इस गीत को बदलकर मेले में आजा गोरी तू.. करना चाहिए। कृषि मंत्री के इस कथन पर पूरे पंडाल में जमकर तालियां बजी। कृषि मंत्री ने पशुधन के चार आधार जिनमें क्रमश: अच्छी नस्ल, चारे की गुणवत्ता, मौसम का प्रभाव व तकनीक का जिक्र करते हुए बताया कि इस मेले में इन चारों पर फोकस किया गया है। यहां आने वाले हर पशुपालक को इनकी जानकारी मिलेगी। कृषि मंत्री ने पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए अपनी हाल की ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड व इजरायल की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उन देशों में भी ऐसी ही स्थिति थी लेकिन तकनीक का इस्तेमाल कर, चारे की गुणवत्ता व अच्छी नस्लों को बढ़ावा देकर वहां पर स्थिति 15 से 32 लीटर पर पहुंच चुकी है।

दिल्ली का बाजार है टारगेट
कृषि मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली हमारे लिए सबसे बड़ा बाजार है। हम दिल्ली के लोगों को अपनी भौगोलिक स्थिति की बदौलत दोनों समय पॉलीपैक दूध की बजाए ताजा दूध उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने सोनीपत जिले के गांव जाटी आईटी पृष्ठभूमि के तीन युवाओं की डेयरी व्यवसाय में सफलता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हम परंपरागत पशुपालक है और भगवान श्रीकृष्ण की गाय और शिव के नंदी का उल्लेख हमारे धार्मिक ग्रंथों में है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को तीन तरफ से घेरकर हम अपनी आमदनी बढ़ा सकते है। हरियाणा सरकार ऐसे स्टार्ट अप के लिए पूरी मदद करेगी।
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पशुपालकों को मिलेंगे नौ करोड़ के इनाम
मुख्यमंत्री मनोहर लाल मेले के समापन के दिन सर्वश्रेष्ठ पशुओं के पालकों को नौ करोड़ के इनाम प्रदान करेंगे। प्रदर्शनी में आए राज्य के श्रेष्ठ पशुधन को हरियाणा की शान कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में 36 लाख दुधारू पशु है, जिनमें 21 लाख भैंस, नौ लाख मिक्स ब्रीड की गाय तथा छह लाख देसी गाय हैं।
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पशुपालकों को मिल रही प्रोत्साहन राशि
मंत्री ने बताया कि तीन साल पहले हरियाणा में दुधारू पशुओं का प्रतिदिन का औसत 6.5 लीटर प्रतिदिन था। जोकि अब 6.8 लीटर पर पहुंच चुका है लेकिन हरियाणा को देश में नंबर वन बनाने के लिए हमें गुजरात और पंजाब से आगे निकलना होगा। उन्होंने कहा कि अच्छी नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देने के लिए भैंस के दूध पर 30 लीटर प्रतिदिन के लिए 25 हजार रुपये तथा गाय में 10 से 12 लीटर के लिए 20 हजार, 8 से 10 लीटर के लिए 15 हजार व 6-8 लीटर के लिए 10 हजार रुपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जा रही है।
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