स्मार्ट सिटी की तर्ज पर अब निजी हाथों में होगी आधे शहर की सफाई व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
स्मार्ट सिटीज की तर्ज पर अब आधे शहर की साफ-सफाई की जिम्मेवारी निजी हाथों में होगी। नप द्वारा हायर की गई एजेंसी के कर्मचारी ही आधे शहर से कूड़े का उठान करेंगे। इस संबंध में परिषद हाउस कार्यकारिणी ने प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। इसके अलावा शहर में सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को भी बैठक में हरी झंडी मिल चुकी है। हालांकि नप अधिकारी इससे पहले ही डीसी विजय कुमार सिदप्पा के पास इस संबंध में डिमांड भेज चुके हैं। इस पर उपायुक्त की तरफ से अभी कोई सहमति नहीं मिली है। नप कार्यकारिणी द्वारा पारित किए गए दोनों प्रस्ताव पटरी से उतरी सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कारगर सिद्ध हो सकते हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तौर नप कार्यकारिणी इसे दस वार्डों में ही पहले लागू करेगी। पार्षदों द्वारा सफाई कर्मचारियों की कम संख्या को लेकर इससे पहले भी लगभग सभी परिषद हाउस की बैठक में यह मामला उठाया जा चुका था लेकिन इसके लिए अब तक कोई हल नहीं निकाला गया था। शुक्रवार को आयोजित बैठक में यह मुद्दा फिर से उछला तो जन प्रतिनिधियों ने साफ-सफाई की जिम्मेवारी निजी हाथों में सौंपने का सुझाव दिया, जिसे उपस्थित सभी ने मंथन के बाद पारित कर दिया।
डीसी रेट पर अलग से भी भर्ती कर सकती है नगर परिषद
सूत्रों की मानें तो आधे शहर की साफ-सफाई की जिम्मेवारी निजी हाथों में सौंपने के अलावा नगर परिषद जल्द ही 30 से 35 सफाई कर्मचारियों की डीसी रेट पर भर्ती कर सकती है। इन कर्मचारियों को जनसंख्या के हिसाब से वार्डों में तैनात किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि आधे शहर की सफाई व्यवस्था के निजीकरण के बाद बाकी बचे वार्डों में सफाई कर्मचारियों की संख्या दो से तीन गुणा की जा सकती है। इसके बाद निजी एजेंसी व नप कर्मचारियों के काम का मिलान किया जाएगा और इसके बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि कौन सी प्लानिंग बेहतर रही है।
नियमित नहीं होता कूड़े का उठान, लोग परेशान
वार्डों में नियमित रूप से नगर परिषद सफाई कर्मचारी कूड़े का उठान नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में प्रतिदिन वार्ड पार्षदों की तरफ से नप अधिकारियों के पास शिकायतें पहुंचती हैं। इतना ही नहीं वार्डों में स्वच्छता कायम रखने के लिए रखे गए डस्टबिन ही सफाई व्यवस्था को पटरी से उतार रहे हैं। डस्टबिन को नप सफाई कर्मचारी नियमित रूप से खाली नहीं कर पा रहे हैं। इसके लिए नप के ट्रैक्टर चलाने के लिए चालकों की कमी भी अहम है।
रानियां वाले जोहड़ बनेगा मुख्य डंपिंग प्वाइंट
नगर परिषद जिला प्रशासन के सहयोग से रानियां वाले जोहड़ की चारदीवार से पहले पैमाइश कार्य करवा चुकी है। करीब पचास लाख की लागत से इसकी चारदीवारी और यहां तक जाने वाले रास्ते को पक्का किया जाएगा। करीब दो साल पहले किसानों ने कूड़े के चलते खराब हो रही फसलों को हवाला देते हुए यहां कूड़ा डलवाना बंद करवा दिया था। इस दौरान किसानों ने इसकी चारदीवारी करवाने के बाद ही कूड़ा डालने देने की बात कही थी। करीब दो साल बाद अब यह मामला सिरे चढ़ता नजर आ रहा है। नप जल्द ही इस जोहड़ की चार एकड़ जमीन को मुख्य डंपिंग प्वाइंट बनाने की भी तैयारी में है।
शहरवासियों ने भी नपा के दोनों प्रस्तावों को सराहा
कूड़े के उठान के लिए अभी नगर परिषद गंभीर नहीं है। सफाई व्यवस्था का जिम्मा ठेके पर देने के बाद शहर में सफाई व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। सफाई कर्मचारियों की कमी दूर करने का प्रस्ताव पारित होना भी शहर के लिए अच्छा है। -महेंद्र, शहरवासी
नगर परिषद के पास सफाई कर्मचारी भी कम है। सफाई व्यवस्था में बदलाव करने की यह नप कार्यकारिणी की अच्छी पहल है। निजी हाथों में अगर सफाई व्यवस्था होगी तो अधिकारी भी सख्ती करेंगे। अब तो सफाई कर्मचारी उन्हें अनसुना कर देते हैं। -अनिल, शहरवासी
नगर परिषद के सफाई कर्मचारी समय पर कूड़े का उठान नहीं कर रहे है। नगर परिषद ने ठेके पर सफाई व्यवस्था को देने का अच्छा प्रस्ताव पास किया है। सफाई व्यवस्था को पटरी लाने के लिए इसी तरह के बदलाव की जरूरत थी। -रविंद्र, शहरवासी
लगभग पूरे शहर के लोगों को ही कूड़े की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए नगर परिषद कार्यकारिणी ने दोनों अच्छे प्रस्ताव पारित किए है। कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी तो परिणाम सकारात्मक ही आएंगे। -आनंद, शहरवासी
वर्जन:
आधे शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को ठेके पर देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो चुका है। इसके अलावा जनसंख्या के मुताबिक सफाई कर्मचारियों की भर्ती भी की जाएगी। रानियां वाले जोहड़ की जमीन का पैमाइश कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही इस पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। -संजय छपारिया, चेयरमैन नगर परिषद
फोटो 10 चार एकड़ जमीन में बना राणियां वाला जोहड़।
फोटो 11 महेंद्रगढ़ चुंगी के समीप पड़ा कूड़े का ढेर।
फोटो 12 महेंद्र।
फोटो 13 अनिल।
फोटो 14 रविंद्र।
फोटो 15 आनंद।