अमर उजाला ब्यूरो
बेरी।
संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर मौत को गले लगाने वाले गांव मदाना खुर्द के पंप आपरेटर ओमप्रकाश के परिजनों ने पुलिस से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। पीड़ित मंगलवार को बेरी उप पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। जहां उप पुलिस अधीक्षक नहीं मिले, लेकिन उन्होंने फोन पर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि मामले में पुलिस द्वारा ढिलाई बरती जा रही है। यदि 72 घंटे में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की तो मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा। मृतक के बेटे सोनू का कहना है कि पुलिस विभाग ने सुसाइड नोट लिखावट की पहचान के लिए मधुबन लैब में भेजा था उस पर आपत्ति लगकर वापिस आ गया। डीघल पुलिस ने सही कागज नहीं भेजे, जिस कारण लैब से सुसाइड नोट वापस आ गया। वहीं, आरोपी पक्ष की तरफ से समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
बहुजन समाज पार्टी के बेरी हल्का के अध्यक्ष अनिल रंगा ने बताया कि दलित समाज के लोगों पर दिन-प्रतिदिन अत्याचार बढ़ते जा रहे और प्रशासन व सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है, दलित परिवार के सदस्यों में रोष बढ़ता जा रहा है।
बता दें कि गांव मदाना खुर्द निवासी ओमप्रकाश नामक व्यक्ति गांव में जन स्वास्थ्य विभाग में पंप आपरेटर था। जिसका पिछले दिनों गांव महराना में तबादला कर दिया गया था। लेकिन ओमप्रकाश ने गांव की ही महिला सरपंच के पति लिलहड़ और जिला पार्षद सवीन सहित चार लोगों के खिलाफ उस पर छींटाकशी करने व झूठी शिकायत कर उसका तबादला करवाने का आरोप लगाकर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। मौके पर उसके एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था।
वर्जन
मृतक ओमप्रकाश द्वारा छोड़े सुसाइड नोट को मधुबन भेजा गया था। जोकि वापस आ गया था। लैब में मृतक ओमप्रकाश की लिखावट के कुछ और कागज मगवाएं गए थे। जोकि मंगलवार को मधुबन जमा करा दिए हैं और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- जितेंद्र उप-पुलिस अधीक्षक बेरी।
- मदाना खुर्द के पंप आपरेटर के जहरीला पदार्थ निगलने का मामला
- आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर दी रोड जाम की चेतावनी