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41 गांवों के 65 बूथ संवेदनशील और 56 गांवों के 108 अति संवेदनशील बूथ

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झज्जर। रोहतक लोकसभा चुनाव में हो रहे कांटे के मुकाबले को देखते हुए चुनाव आयोग द्वारा इस बार 41 गांवों के 65 बूथों को संवेदनशील तथा 56 गांवों के 108 बूथों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। बेरी विधानसभा में सबसे अधिक 22 बूथ संवदेनशील तथा 34 अति संवेदनशील बूथ चिह्नित किए गए हैं। झज्जर विधानसभा में 20 संवदेनशील तथा 22 अतिसंवेदनशील बूथ चिह्नित किए गए हैं। बहादुरगढ़ विधानसभा में 10 बूथ संवेदनशील तथा 26 बूथ अतिसंवेदनशील बनाए गए हैं। बादली विधानसभा में 13 बूथ संवेदनशील तथा 26 बूथ अति संवेदनशील चिह्नित किए गए हैं। प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी धनखड़ के गांव ढाकला का बूथ नंबर 120 को क्रिटिकल की श्रेणी में रखा गया है। वहीं बिरधाना गांव का बूथ नंबर 27, भापड़ौदा के बूथ नंबर 48 तथा खरहर गांव के चार बूथ इसी श्रेणी में शामिल किए गए हैं। बिरधाना तथा खरहर गांव विधानसभा चुनाव के दौरान विवादास्पद रहे हैं।
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नेताओं के गांव का हाल
विधायक गीता भुक्कल के गांव मातनहेल में तीन बूथ संवेदनशील की श्रेणी में शामिल किए गए हैं। वहीं इनेलो नेता व पूर्व प्रत्याशी साधुराम झामरी के गांव का एक बूथ संवेदनशील तथा एक बूथ अतिसंवेदनशील की श्रेणी में है। बेरी विधायक डॉ. रूघबीर कादियान व जेजेपी के जिला प्रधान उपेंद्र कादियान के गांव दूबलधन में पांच बूथ अति संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं। जेजेपी प्रत्याशी प्रदीप देशवाल के गांव जसौर खेड़ी के दो बूथ अति संवदेनशील की श्रेणी में तथा मांडोठी गांव के पांच बूथों को अंति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है।
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