सरकार ने नहीं दिए निर्देश, 200 श्मशान घाट के जीर्णोद्घार की फाइल अटकी
चरखी दादरी। जिले के 162 गांवों में स्थित श्मशानघाट में हैडपंप, शेड, चारदीवारी व रास्तों के एस्टीमेट तो तैयार हो गए लेकिन अब सरकार की ओर से दिशा- निर्देश नहीं मिलने से पंचायत विभाग अधिकारी व सरपंच दुविधा की स्थिति में हैं। पंचायत अधिकारियों का कहना है कि श्मशान घाट के इन प्रोजेक्टों के लिए पैसा देने की बजाय सरकार चंदे के जरिए इन कार्यों को पूरा करने की बात कह रही है। ऐसे में यह एस्टीमेट फाइलें अब पंचायत कार्यालयों में ही धरी की धरी रह गई है। जिले में 200 से ज्यादा श्मशानघाटों की एस्टीमेट फाइलें तैयार की गई थी।
उल्लेखनीय है कि गांवों में अधिकतर श्मशानघाट के लिए रास्ते भी नहीं है। कई गांवों में रास्ते कच्चे होने की वजह से बारिश के मौसम में परेशानी आती है। वहीं अधिकतर श्मशान घाटों में पानी की व्यवस्था भी नहीं है। इस प्रकार कई गांवों में चार से पांच एस्टीमेट तैयार हुए हैं। जिले के कई गांवों में तो श्मशानघाटों की बेहद खराब स्थिति है। गत कांग्रेस सरकार के शासनकाल में अधिकतर गांवों में शेड लगाई गई थी लेकिन लोहे की चद्दर की बनी यह शेड अब टूट चुकी हैं। सरकार के निर्देश पर पंचायतों ने अपने-अपने गांवों के एस्टीमेट तैयार कर पंचायत कार्यालय में जमा करवा दिए हैं। पंचायत अधिकारी अब सरकार के पत्र के इंतजार में है ताकि इन पर अगली प्रकिया शुरू की जा सके। पंचायत विभाग अधिकारियों ने सरकार के निर्देश मिलने पर ही एस्टीमेट हेड ऑफिस नहीं भेजे जाने की बात कह रहे हैं।
रामबाग समितियों के गठन से सिरे चढ़ाए जा सकते हैं कार्य
पंचायत विभाग अधिकारियों का कहना है कि अब सरकार की ओर से यह बात सामने आई है कि गांवों में श्मशान घाट की चारदीवारी, शेड, हैडपंप व रास्ता निर्माण आदि का कार्य ग्रामीण चंदा एकत्रित करके भी बनवा सकते हैं। ग्रामीणों के लिए यह इतना मुश्किल कार्य नहीं है। गांवों में भी शहर की तर्ज पर रामबाग समितियों का गठन कर इस काम को सिरे चढ़ाया जा सकता है।
जैसे ही सरकार के निर्देश आएंगे एस्टीमेट फाइलें हेड ऑफिस भेज दी जाएंगी। सभी पंचायतों के एस्टीमेट तैयार हो चुके हैं।
जेई अजीत सिंह,पंचायत विभाग