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डीसी की 31 दिसंबर की डेडलाइन पर जनस्वास्थ्य विभाग ने उपभोक्ताओं पर कसा शिकंजा

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शहर में 13 और गांवों में 22 हजार कनेक्शन ें हुए वैध
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जनस्वास्थ्य विभाग ने जिले में पेयजल बिल डिफाल्टरों और पेयजल कनेक्शन रेगुलर न कराने वालों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी वजह से शहर में इस समय पेयजल कनेक्शनों की संख्या बढ़कर 13 हजार और ग्रामीण क्षेत्रों में 22 हजार हो गई है। विभाग की टीमें 31 दिसंबर तक हर घर तक पहुंचेंगी ताकि कोई भी पेयजल कनेक्शन अवैध न रह जाए। इस समय जिले में 150 सक्षम युवा गांवों और शहर में अवैध पेयजल कनेक्शन की जांच कर उनको रेगुलर करने के काम मेें जुटे हैं। वहीं डीसी ने पेयजल कनेक्शन वैध करवाने की डेडलाइन 31 दिसंबर तक दी है। इसके अलावा विभाग ने अप्रैल से आठ दिसंबर तक उपभोक्ताओं से 50 लाख रुपये के राजस्व की भी वसूली की है।
सरकार ग्रामीण पेयजल उपभोक्ताओं के मार्च 2015 तक के पानी के बिल पहले ही माफ कर चुकी है। गांवों में इस समय मुश्किल से 10 प्रतिशत उपभोक्ता ही पेयजल का नियमित रूप से भुगतान कर रहे हैं। इस प्रकार पानी के बिलों का बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकार गांवों के पेयजल सिस्टम को ग्राम पंचायतों के अधीन करने पर भी काफी दिनों से विचार कर रही है ताकि पंचायत के राजस्व में तो बढ़ोतरी हो।
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बिना अनुमति के लगा रहे कनेक्शन
गांवों के लोग बिना विभाग की अनुमति के ही पेयजल कनेक्शन लगा लेते हैं। विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगती जबकि कनेक्शन लेने की फीस 500 रुपये ही है। विभाग की ओर से भी ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती नहीं बरती गई है। इतना ही नहीं विभाग गांवों व शहर में नियमित रूप से पेयजल के बिल भी नहीं भेज रहा है। नियमित रूप से बिल भेजने पर बिल जमा करने के इच्छुक उपभोक्ता भी समय पर बिल जमा नहीं कर पाते जिससे सरकार के राजस्व पर प्रतिकूल असर पड़ता है। विभाग ग्रामीण उपभोक्ताओं में अनुसूचित वर्ग के लिए बिल राशि मात्र 10 रुपये प्रतिमाह है। उपभोक्ता ये 20 रुपये चुकाने से भी परहेज करतेे रहे हैं। गत दिनों विभाग ने ग्रामीणों के लिए ये बिल चार्ज प्रति माह 20 से बढ़ाकर 40 रुपये कर दिया है। शहर में यह बिल चार्ज प्रतिमाह 120 रुपये है जिन उपभोक्ताओं ने अपने कनेक्शन पर पानी का मीटर लगवा रखा है उससे 60 रुपये प्रति माह चार्ज लिया जाता है। गांवों में पेयजल बकाया राशि का आंकड़ा अब 60 लाख तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा मार्च 2015 के बाद का है। शहर के लोग अब बिल जमा करवाने में रुचि लेने लगे हैं।
जिले में 58 जलघरों के जरिए होती है पानी की आपूर्ति
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के 58 जलघरों के जरिए गांवों व शहर में पानी की आपूर्ति करता है। इतना जरूर है कि कई गांवों में विभाग नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। नहरों के जरिए इन जलघरों में पानी नहीं पहुंच पाता ऐसे में ग्रामीण खेतों में लगे ट्यूबवेल, हैंडपंप व अन्य संसाधनों के जरिए पानी की आपूर्ति कर रहे हैं।
अप्रैल से दिसंबर तक वसूली 50 लाख
जनस्वास्थ्य ने घर-घर जाकर लोगों के पेयजल कनेक्शन की जांच की और रेगुलर कनेक्शन न मिलने पर मौके पर ही उनका कनेक्शन रेगुलर किया जा रहा है। इसके तहत बकाया राशि व कनेक्शन राशि के रूप में विभाग ने अप्रैल से अब तक 50 लाख की राशि वसूली है।
गांवों में 19 से 22 हजार पहुंचे कनेक्शन
गांवों में कनेक्शन रेगुलर करने का अभियान चलाने पर यह आंकड़ा अब 19 हजार से 22 हजार कनेक्शन तक पहुंच गया है। शहर में एक हजार व गांवों में दो हजार नए कनेक्शन बढ़े हैं।
डीसी की डेडलाइन है 31 दिसंबर
डीसी की पेयजल कनेक्शन वैध करवाए जाने संबंधी डेडलाइन 31 दिसंबर है। विभाग ने अब इस अभियान को और तेज कर दिया है। 31 दिसंबर तक अपना कनेक्शन वैध न कराने पर विभाग व प्रशासन सख्त से पेश आने के मूड में है।
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वर्जन===
उपभोक्ताओं को पानी के बिल नियमित रूप से जमा करवाने चाहिए ताकि सरकारी राजस्व में इजाफा हो सके। लोगों को अपने वैध कनेक्शन भी अपने आप वैध करवाने चाहिए। विभाग सहयोग देने को तैयार है।
बिल इंचार्ज रामरूप , जनस्वास्थ्य विभाग
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