संत गोपालदास ने ड्रिप नहीं लगवाई, डॉक्टर बोले- तबीयत बिगड़ी तो हमारी जिम्मेवारी नहीं
- हालत बिगड़ने पर संत गोपालदास को फिर करवाया अस्पताल में दाखिल
- संत बोले, गिरफ्तारी नहीं होती तो करता गाय के साथ गुजरात में प्रचार
अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
रोहतक की अदालत के द्वारा दुलीना जेल भेजे गए संत गोपालदास की हालत बार-बार बिगड़ रही है। हालत बिगड़ने पर संत गोपालदास को पहले रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था। जहां से उन्हें मंगलवार की शाम दुलीना जेल वापस भेज दिया था। लेकिन बुधवार सुबह संत की फिर से तबियत खराब हुई तो पुलिस ने उन्हें करीब 10 बजे झज्जर के सामान्य अस्पताल में दाखिल कराया। जहां करीब आधे घंटे तक उपचार करने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें छुट्टी दे दी, जिसके बाद पुलिस उन्हें वापस जेल ले गई। लेकिन संत की तबियत फिर बिगड़ी तो पुलिस ने दोपहर करीब दो बजे उन्हें फिर से सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां संत गोपालदास ने चिकित्सकों के अनुरोध के बावजूद भी ड्रिप नहीं लगवाई तो चिकित्सकों ने कहा कि अगर उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई तो उनकी जिम्मेवारी नहीं होगी। करीब चार घंटे बाद शाम छह बजे सामान्य अस्पताल में उपचार के बाद चिकित्सकों ने संत को बेहतर उपचार के लिए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया।
सरकार जिंदगी दांव पर लगाने वाले के लिए सुरक्षा मुहैया नहीं करवा सकती
संत गोपालदास का कहना है कि वे गुजरात में गाय के साथ चुनाव प्रचार पर जाना चाहते थे, लेकिन इसकी भनक भाजपा सरकार को लग गई। गुजरात में चुनाव प्रचार से दूर रखने के लिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। संत गोपालदास ने कहा कि यहां के चिकित्सक उन्हें बार-बार रोहतक पीजीआई रेफर करने का प्रयास करते हैं लेकिन पीजीआई के चिकित्सक सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्हें वहां से वापस भेज देते हैं। सरकार को समाज तोड़ने वालों की रैलियां तो करवा देती है लेकिन गोवंश के लिए जिंदगी दांव पर लगाने वाले के लिए सुरक्षा मुहैया नहीं करवा सकती। वहीं, पूरे प्रकरण पर जेल प्रशासन बिल्कुल मौन बना हुआ है। जेल अधिकारी मीडिया से पूरी तरह बचते नजर आ रहे हैं।
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