अमर उजाला ब्यूरो
बेरी।
गांव सिवाना से होकर गुजरी रही न्यू सिवाना माईनर शनिवार को अल सुबह टूट गई। माईनर के टूटने से किसानों की करीब 50 एकड़ में फसल पानी में डूब गई और किसानों ने कई एकड़ में गेहूं की फसल की बिजाई के जमीन को तैयार कर रखी थी उन खेतों में कई-कई फीट पानी भर गया। गांव के सरपंच का कहना है कि माईनर के बारे में गांव के किसान कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। शनिवार को सुबह सिवाना माईनर में ज्यादा पानी छोड़ने पर किसानों ने गांव के सरपंच हरिओम कादयान को सूचना दी की माइनर में ज्यादा पानी छोड़ा गया, जिसके कारण वे टूट गई है। तभी सरपंच ने नहर विभाग के अधिकारियों को माईनर टूटने के बारे में फोन पर अवगत करवा दिया और जेसीबी लगाकर अपने स्तर पर माईनर को ठीक करवाया वहीं विभाग ने माईनर में पानी बंद कर दिया ग्रामीणों का कहना था कि माईनर टूटने से सरसम और चने की फसल डूब गई अब पानी के कारण खेत खराब होने से गेहूं की बिजाई नहीं होगी। किसानों का कहना है कि ऐसे में सर्वे कराकर जल्द से जल्द किसानों को मुआवजा दिया जाए। सिवाना के ग्रामीण सोमवार को जिला उपायुक्त से मिलकर मुआवजे की मांग रखेंगे। इन सबके बावजूद माईनर टूटने के बाद जो पानी किसानों की जोती गई जमीन में भर गया उसके बाद किसानों के सामने अपनी गेहूं की फसल बोने की परेशानी खड़ी हो गई है। किसानों का कहना है कि उन्होंने हाल ही में अपनी जमीन को जोतकर बोने के लिए तैयार किया था। अगले एक-दो रोज में जमीन पर बुआई की जानी थी, लेकिन अब खेत में पानी भर जाने की वजह से उनकी जमीन में अगले 15 दिनों तक बुआई नहीं की जा सकती।
वर्जन
शनिवार सुबह सिवाना माईनर में ज्यादा पानी छोड़ने से टूट गई और अपने स्तर पर जेसीबी लगाकर माईनर को ठीक करवाया गया। विभाग के अधिकारियों को माईनर टूटने की सूचना देने के बाद भी शनिवार देर शाम तक अधिकारियों नही पहुंचे। 2 वर्ष पहले कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने गांव में दौरा किया था तो गांव के किसानों ने मोरी लगवाने की मांग की थी और अब पिछले माह में भी जिला उपायुक्त को मोरी लगवाने के लिए ज्ञापन सौंपा था, लेकिन समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। सोमवार को गांव सिवाना के ग्रामीण जिला उपायुक्त से मिलकर मोरी लगवाने की मांग व माईनर टूटने से किसानों को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग करेंगे।
-हरिओम कादयान, सरपंच, सिवाना।
सिवाना माईनर टूटने से खेतों में भरा पानी
- जमीन को जोतकर किसानों ने बुआई के लिए कर रखा था तैयार
- 50 एकड़ से ज्यादा खेत की जमीन में पानी भरा
फोटो संख्या-5