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10 माह बाद भी कैशलेस नहीं सरकारी विभाग

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10 माह बाद भी स्वैपलेस हैं सरकारी विभाग
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
नोटबंदी के 10 माह बाद भी जिले के सरकारी महकमे कैशलेस नहीं हो पाए हैं। बिजली निगम और तहसील कार्यालय से डिमांड भेजने के बाद भी अब तक स्वैप मशीनें उपलब्ध नहीं हो पायी हैं। रोडवेज विभाग में जरूरत के अनुरूप स्वैप मशीनें आ चुकी हैं लेकिन यहां इनका प्रयोग नहीं हो रहा है। सरकारी महकमों का यह हाल है तो सरकार की कैशलेस योजना कैसे सिरे चढ़ पाएगी। नोटबंदी के बाद सरकार ने सभी सरकारी विभागों को कैशलेस बनाने की योजना बनाई थी। नोटबंदी में लोगों की परेशानियों के मद्देनजर प्रशासन ने सभी विभागों को स्वैप मशीनों के इस्तेमाल के निर्देश दिए थे। इसके लिए विभागीय कर्मचारियों को कैशलेस का प्रशिक्षण भी दिया था। अब तक सरकारी विभाग कैशलेस नहीं हो पाए हैं। नोटबंदी के दौरान तहसील कार्यालय और बिजली विभाग ने चार-चार स्वैप मशीनों की डिमांड भेजी थी। डिमांड भेजने के 10 माह बाद भी दोनों विभागों में अब तक यह मशीनें नहीं पहुंची हैं।

चार मशीनों की भेजी थी डिमांड
तहसील कार्यालय की यातायात शाखा में प्रतिदिन करीब 70 हजार राजस्व की प्राप्ति होती है। तहसील कार्यालय से चार स्वैप मशीनों की डिमांड भेजी गई थी। आज तक यह मशीनें नहीं पहुंची हैं। आरसी, लाइसेंस और जरूरी कागजात के लिए प्रतिदिन लोगों को कैश में भुगतान करना पड़ रहा है। जमीन की रजिस्ट्री के लिए भी लोगों को राशि कैश में चुकानी पड़ रही है।
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शहरी उपभोक्ता अधिक परेशान
बिजली निगम ने कैशलेस के लिए चार मशीनों की डिमांड भेजी थी। दो मशीनें काउंटर के लिए, एक मशीन कैशियर और एक मशीन गांवों में जाकर बिल भरने के लिए मंगवाई थी। बिजली निगम में प्रतिदिन करीब 18 लाख का कैश जमा होता है। यहां 10 माह बाद भी स्वैप मशीन नहीं पहुंची है। पांच हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को भी कैश में पैसा जमा करवाना पड़ रहा है। शहरवासियों को स्वैप मशीन की अधिक जरूरत बनी हुई है।

कुछ दिन चली स्वैप मशीनें
रोडवेज विभाग में नोटबंदी के बाद स्वैप मशीनों की डिमांड भेजी थी। करीब एक माह बाद ही रोडवेज विभाग को 12 स्वैप मशीनें मिल गई थीं। कर्मचारियों ने कुछ दिन तो इन मशीनों का प्रयोग किया लेकिन बाद में मशीनों का प्रयोग करना बंद कर दिया। काउंटर पर टिकट लेने के बाद बकाया राशि टिकट के पीछे लिख दी जाती है। इस राशि की वापसी के लिए यात्रियों को बार-बार कंडक्टर से पूछना पड़ता है।

वर्सन---
रोडवेज परिसर में रखी स्वैप मशीनें अभी मेरे संज्ञान में नहीं है। जल्द ही मशीन चालू करवा दी जाएंगी ताकि कैशलेस की सुविधा शुरू हो सके। - रामकुमार, जीएम रोडवेज डिपो
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वर्सन---
एसबीआई बैंक की तरफ से यह स्वैप मशीनें इन सरकारी विभागों को उपलब्ध करवाई जानी थी लेकिन अब तक नहीं मिली हैं। बैंक अधिकारी से बातचीत कर स्वैप मशीन की सेवा शुरू करवाएंगे। - ओमप्रकाश, एसडीएम चरखी दादरी
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