फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भौतिक जीवन के साथ-साथ आध्यात्मिक विकास भी अति आवश्यकता

विज्ञापन
विज्ञापन
भौतिक जीवन के साथ आध्यात्मिक विकास भी जरूरी
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
शरीर के साथ व्यक्ति को सामाजिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए, ये आध्यात्मिकता से ही संभव है। जब हम अपने दैनिक जीवन में अध्यात्म को शामिल करेंगे तभी हम सुखी व स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं। ये विचार ब्रह्माकुमार सुनील ने व्यक्त किए। वे प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय और राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के समाज सेवा प्रभाग द्वारा सदा सुखी व स्वस्थ समाज विषय पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि सुख और शांति मनुष्य के हृदय की स्थिति है इसलिए हमारे मन में चलने वाले विचार सदा सकारात्मक होने चाहिए। इससे हमारे सोचने के तरीके का प्रभाव तन,मन पर भी पड़ता है। ब्रह्माकुमार सुनील ने कहा कि भौतिक जीवन के साथ साथ आध्यात्मिक विकास की अति आवश्यकता है। सम्मेलन को राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी डॉ. सविता, ब्रह्माकुमारी सुमन, राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी विजय आदि ने भी संबोधित किया।
विज्ञापन

फोटो 19
सम्मेलन के दौरान संबोधित करते ब्रह्माकुमार सुनील।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें