झज्जर। अपनी मांगों को लेकर नगर परिषद के सफाई कर्मचारी वीरवार को हड़ताल पर रहे। इसके चलते शहर की गलियों और नालियाें की सफाई नहीं हुई। नगर परिषद के 14 पक्के कर्मचारियों से बाजार में सफाई करवाई गई, जबकि ठेकेदार के 30 कर्मचारियों ने मुख्य मार्गों पर दुकानों के बाहर गंदगी को उठाया।
नगर परिषद में आउटसोर्सिंग पर लगे कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर नगर परिषद कार्यालय में धरना दिया। इसकी अध्यक्षता प्रधान शिवम चावरिया ने की। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने पहले ही दो दिवसीय हड़ताल का अल्टीमेटम दिया हुआ था। इसके चलते वीरवार को सफाई कर्मचारी अपने काम पर नहीं पहुंचे। शहर के मुख्य मार्गों और काॅलोनियों में सफाई व्यवस्था चरमराई रही। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे खुद सफाई की और कूड़ा सड़कों पर ही डाल दिया। हालांकि घर-घर कूड़ा उठान और लिफ्टिंग का काम जारी रहा। ठेकेदार के कारिंदों ने घर-घर से कूड़ा उठान प्रतिदिन की जारी रखा। शहर के मुख्य डंपिंग पॉइंट से कूड़ा भी उठाया गया, इससे आसपास के दुकानदारों को राहत मिली। सफाई कर्मचारी शुक्रवार को भी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहेंगे।
प्रमुख मांग
प्रधान ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में रेगुलाइजेशन की नीति बनाने के अलावा सभी प्रकार के ठेकों एवं हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग करना है। इसके अलावा अग्निशमन विभाग के 1327 ड्राइवर व फायरमैनों के पद सृजित करने, फायर ऑपरेटर कम ड्राइवर के पदों पर समायोजित कर पक्का करने, अग्निशमन विभाग को शहरी स्थानीय निकाय विभाग में शामिल करने, अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को दिए गए वर्दी भत्ते में किए गए भेदभाव को दूर करते हुए अन्य कर्मचारी के समान वर्दी भत्ता व धुलाई भत्ता देना है। मांग है कि गुरुग्राम के 3480 छंटनीग्रस्त सफाई कर्मचारियों सहित पालिकाओं, परिषदों, निगमों एवं अग्निशमन के लगभग 5 हजार कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लिया जाए और पुरानी पेंशन बहाल की जाए। 29 अक्तूबर 2022 व 5 अप्रैल 2023 के समझौतों को लागू किया जाए, सभी वर्गों की वेतन विसंगतियां ठीक हों, आरक्षित श्रेणियाें का बैकलॉग पूरा हो, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तेल साबुन दिया जाए, एसीपी में लगाई गई शर्तों को हटाया जाए और 24 सूत्रीय मांग पत्र का समाधान किया जाए।