झज्जर। साहब जी ... प्राईवेट स्कूलां आले दाखिले की पैसे मांग सै। इसी नियम134 ए का के फायदा, ऐन्यूवल चार्ज के नाम पै चार हजार तै 13 हजार तक रपिये मांगण लाग रे सैं। स्कूल आले ट्रांसपोर्ट की सुविधा देण तैं भी नाटण लाग रे सैं और घणे लड़कां का नाम तो बंद पड़े स्कूला में दे राख्या सै, बताओ इब के करां। इस प्रकार की बातें झज्जर के खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में उनके हस्ताक्षर करवाने पहुंचे अभिभावक कह रहे थे। जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने उनसे लिखित शिकायत करने को कहा। जबकि जिन बच्चों के नाम बंद पड़े निजी स्कूलों में अलॉट कर दिए गए थे। उनको सलाह दी गई कि वे अपनी शिकायत पोर्टल पर डाल दें। 11 मई को डाले जाने वाले दूसरे ड्रॉ में उनका स्कूल बदल कर आ जाएगा। झज्जर खंड में भारतीय विद्या मंदिर, झज्जर व आरएस ग्रीन फिल्ड स्कूल रईया भी कई बच्चों को अलॉट किये गए हैं। जबकि ये स्कूल पहले ही बंद हो चुके हैं। जबकि कई निजी स्कूलों की तरफ से इन बच्चों को ट्रांसपोर्ट की सुविधा देने से इनकार किया जा रहा है। वहीं वार्षिक फंड के नाम से पैसे देनेे को कहा जा रहा है। इस प्रकार की शिकायतें खंड शिक्षा अधिकारी को की गई हैं।
पंचकूला से पहले ड्रॉ के अलॉट किए स्कूल
शिक्षा नियमावली 134 ए के तहत 55 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले बच्चों को स्कूल अलॉट कर दिए गए हैं। पहले ड्रॉ के लिए पंचकूला से विद्यार्थियों के मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन संदेश डाला गया। अलॉट किए गए स्कूल की सूचना उनके मोबाइल पर ही उनके पास पहुंची। उसके बाद जिन अभिभावकों के बच्चों को स्कूल अलॉट किए गए हैं। वे खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। बच्चों को दाखिले के लिए 10 मई तक का समय दिया गया है। उसके बाद 11 मई को दूसरा ड्रा होगा।
फिलहाल कितने बच्चों का पहली सूची में नाम आया है इसकी लिस्ट अपलोड नहीं हुई है। लेकिन बच्चों के अभिभावकों के पास संदेश आ गया है। अभिभावकों की शिकायत से शिक्षा विभाग के निदेशक को अवगत करवा दिया गया है।
रणबीर सिंह कादियान, कार्यवाहक खंड शिक्षा अधिकारी, झज्जर।