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पहचान बदलकर भिवानी जिला के तीन युवकों ने सेना भर्ती में लिया भाग, दस्तावेजों की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने पर केस दर्ज

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अक्तूबर 2017 और मई 2018 में हुई सेना भर्ती रैली में फिजिकल, मेडिकल और लिखित परीक्षा पास कर चुके भिवानी जिला निवासी तीन युवकों के दस्तावेज जांच में फर्जी पाए गए। सेना भर्ती कार्यालय ने सिटी थाने में तीनों युवकों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। आरोपियों की पहचान चांग निवासी नरेंद्र, पालुवास निवासी प्रदीप और सेय गांव निवासी दीपक के रूप में हुई है। इनमें से दो आरोपियों ने अक्तूबर 2017 जबकि तीसरे ने मई 2018 की भर्ती रैली में फर्जी दस्तावेज जमा कराए थे।
सेना भर्ती कार्यालय की तरफ से दी गई शिकायत में बताया गया कि चांग निवासी नरेंद्र ने अधिक आयु होने के चलते भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के लिए अपना नाम और पिता का नाम बदल दिया। उसने अपना नाम अमित पुत्र कृष्ण दर्ज करवाया था। आरोपी ने गांव निवासी अमित नामक युवक के दस्तावेजों पर चार अक्तूबर 2017 को फिजिकल, पांच अक्तूबर 2017 को मेडिकल और 26 नवंबर 2017 को लिखित परीक्षा पास की थी। इसके बाद उसने दस्तावेज सेना कार्यालय में जमा करवाए। जब इनकी जांच की गई तो आधार वेरिफिकेशन के लिए चांग निवासी अमित भी सेना भर्ती कार्यालय पहुंच गया। इस तरह नरेंद्र द्वारा किया फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। आर्मी अधिकारियों ने बताया कि उसने सोल्जर जनरल ड्यूटी की भर्ती देखी थी। उसकी वास्तविक जन्मतिथि 10 मई, 1996 थी।
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पहचान बदलने का दूसरा मामला सेह गांव निवासी दीपक का है। सैन्य अधिकारियों की शिकायत मुताबिक, उसने नाम बदलकर अमित पुत्र महेश करवाकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। इनमें उसने अपनी उम्र वास्तविक से करीब 23 माह छोटी दर्शाई। उसने भी सोल्जर जनरल ड्यूटी की भर्ती देखी थी। उसने चार अक्तूबर 2017 को फिजिकल, पांच अक्तूबर 2017 को मेडिकल और 26 नवंबर 2017 को लिखित परीक्षा पास की थी। उसकी वास्तविक जन्मतिथि 21 नवंबर 1995 थी लेकिन उसने दस्तावेजों में 25 अक्तूबर 1997 करवाई थी।
तीसरा मामला भिवानी जिले के पातुवास निवासी प्रदीप का है। प्रदीप ने चार अक्तूबर 2017 को फिजिकल, पांच अक्तूबर 2017 को मेडिकल और 26 नवंबर 2017 को लिखित परीक्षा पास की थी। मई 2018 में आयोजित सोल्जर जनरल ड्यूटी भर्ती देखने के लिए उसने ओपन से दोबारा दसवीं का सर्टिफिकेट बनवाया। इसमें उसने जन्मतिथि एक जुलाई 1998 करवा ली जबकि उसकी वास्तविक जन्मतिथि 20 जुलाई 1994 थी। यह पुष्टि अक्तूबर 2017 और मई 2018 के भर्ती रिकॉर्ड के मिलान और उसके स्कूल रिकॉर्ड से हुआ। तीनों का फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद सिटी थाना पुलिस ने इनके खिलाफ रविवार को विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।

पांच दिन पहले महेंद्रगढ़ निवासी दो युवकों पर हुआ था केस दर्ज
करीब पांच दिन पहले ही मई 2018 में आयोजित सेना भर्ती रैली में फर्जीवाड़ा करने पर महेंद्रगढ़ जिला निवासी दो युवकों पर भी सैन्य अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपी लेखराम और प्रीतम ने वास्तविक उम्र को छोटा दर्शाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कराए थे। इन्होंने उम्र चार और छह साल छोटी दिखाई थी।
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सेना की दो भर्तियों में फर्जीवाड़ा करने वाले 30 पर दर्ज हो चके हैं केस
सिटी थाना पुलिस के रिकॉर्ड अनुसार पिछले दो सालों में सेना भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा करने वाले 30 युवकों पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। 2017 में दस और 2018 में 17 केस दर्ज हुए हैं। इन मामलों के आरोपी भिवानी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी जिलों के रहने वाले हैं।
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