फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केमिकल फैक्टरी से फोरेसिंक टीम ने लिए सेंपल, जांच के लिए भेजे मधुबन

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

बादली। गांव गुभाना स्थित फैक्टरी में केमिकल ब्लास्ट की जांच के लिए बुधवार को फोरेंसिक टीम पहुंची। टीम ने फैक्टरी से केमिकल, रेत आदि के सैंपल लिए और जांच के लिए मधुबन लैब भेज दिए। पुलिस के अनुसार फैक्टरी में खतरनाक रसायन की मिलावट का काम होता था। बुधवार को फैक्टरी में पहुंची टीम के साथ बादली सदर थाना से पुलिस भी रही। टीम के अधिकारियों ने पड़ोस में रहे लोगों से भी पूछताछ की। पड़ोसियों ने किसी भी प्रकार की जानकारी होने से मना कर दिया। घटना के बाद 3 दिनों बाद भी पूरे पड़ोस में सन्नाटा पसरा है और कोई भी छानबीन में सहयोग नहीं निभा रहा। आगजनी में पड़ोसी अमित की बुलेनो गाड़ी जल गई थी, जबकि एक पड़ोसी की गाय चोटिल हो गई थी। इसके बाद भी कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं। फोरेंसिक टीम ने सैंपल भरने के बाद फैक्टरी को ताला लगा दिया। साथ ही पड़ोसियों को भी आगजनी से जली फैक्टरी में न जाने की हिदायत दी क्योंकि अभी भी फैक्टरी में ड्रम रखे हुए हैं। सोमवार गुभाना गांव की एक अवैध फैक्टरी में रखे रसायन पदार्थ में ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट के बाद फैक्टरी में लगी आग से माल उतारने आए टाटा मैजिक चालक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि फैक्टरी मालिक नवीन कुमार (35) पुत्र रणधीर निवासी डीघल भीषण आग में झुलस गया। नवीन को गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेजा गया जहां बीती रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बादली थाने से पुलिस जांच अधिकारी संदीप कुमार का कहना है कि मामले में मृतक नवीन के पिता रणधीर निवासी डीघल की शिकायत पर कार्रवाई करते लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। आग के कारणों का पता सैंपल की रिपोर्ट के आने पता चल सकेगा।

मृतक की हुई शनाख्त
पुलिस ने मंगलवार को जहां मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा। वहीं मौके पर ही मौत का ग्रास बने गाड़ी चालक की पहचान अरविंद यादव निवासी रानीखेड़ा (दिल्ली) के तौर पर हुई है। गाड़ी की नंबर प्लेट के आधार पर मृतक की पहचान हुई है। शव का पोस्टमार्टम झज्जर के सामान्य अस्पताल में करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन



चल रही हैं अवैध फैक्टरियां
क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाली कई इकाईयां चल रही हैं। औद्योगिक इकाईयों में प्रदूषण फैलाने के साथ-साथ श्रमिकों की जान से खिलवाड़ भी हो रहा है। गुभाना गांव में जहां सोमवार को बड़ा हादसा हो गया वहीं कई इकाईयां हादसों को निमंत्रण दे रही हैं। जरदकपुर-दिल्ली रोड पर प्लास्टिक जलाने की इकाईयां स्थापित हैं जबकि कई इकाईयों में खुले में पर्यावरण को प्रदूषित किया जा रहा है। प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कृष्ण कुमार का कहना है कि गांव में किसी भी प्रकार की इकाईयों को लाइसेंस नहीं हैं। कोई ऐसी गतिविधि गांव में मिलती है तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बिना एनओसी के फैक्टरी चलाना गैर कानूनी और लोगों के जीवन से खिलवाड़ करना है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें