चरखी दादरी। जिला अस्पताल में पेट संबंधी बीमारियों की गहनता से जांच के लिए टेस्ट लैब की सुविधा नहीं है। सुविधाएं नहीं होने से मरीजों को दूसरे जिले के अस्पतालों में जाना पड़ता है। हार्मोन टेस्ट की भी यहां सुविधा नहीं है। अस्पताल में इस टेस्ट की सुविधा शुरू करने की सख्त जरूरत बनी हुई है। चिकित्सकों का मानना है कि अधिकतर रोगों की शुरूआत पेट में खराबी की वजह से ही होती है। जिला अस्पताल की दैनिक ओपीडी करीब 400 है। जिला अस्पताल में जिला स्तरीय सुविधाओं के विस्तार करने की जरूरत बनी हुई है। अस्पताल में कुछ विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूर तैनाती हुई है लेकिन आधुनिक तकनीक की जांच मशीनें यहां न होने से इलाज नहीं हो पा रहा है। ऐसे मेें लोग गुरुग्राम, हिसार, रोहतक और दिल्ली इलाज करवाने को मजबूर हैं। अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार तभी हो सकेगा जब यहां बीमारियों की जांच की सुविधा मिल सकेगी। सभी रोगों की जांच की सुविधा न होने की वजह से लोगों का बाहर इलाज करवाना मजबूरी बना हुआ है। अस्पताल का भवन तो इस समय पर्याप्त है लेकिन चिकित्सा संबंधी ढांचा अभी पूरी तरह से तैयार नहीं हो सका है। लोगों को यहां अस्पताल में एंडोस्कॉपी टेस्ट सुविधा की कमी खल रही है क्योंकि आजकल पेट संबंधी बीमारियां ज्यादा बढ़ रही है। खानपान में बदलाव होने पर सीधा प्रतिकूल असर पेट से संचालित क्रियाओं पर पड़ता है।
एंडोस्कॉपी से आंतों की जांच संभव है
कई बार दूषित पेयजल से भी पेट में संक्रमण हो जाता है। पेट की छोटी व बड़ी आंतों में इंफेक्शन, पाचन तंत्र में खराबी, लीवर गड़बड़ा जाना, किडनी प्रक्रिया, पैंक्रियाज संबंधी रोगों का पता एंडोस्कॉपी से भी संभव है। अल्ट्रासाउंड से पेट संबंधी बीमारियों की गहनता से जांच नहीं हो पाती है ऐसे में एंडोस्कॉपी मशीन से भी यह जांच संभव है। हालांकि एंडोस्कॉपी टेस्ट की ज्यादा फीस नहीं है इस टेस्ट की फीस करीब 1500 रुपये तक है लेकिन इसके लिए विशेष मशीन लगाए जाने की जरूरत होती है। शहरवासियों का कहना है कि एंडोस्कॉपी टेस्ट की सुविधा शुरू करना जरूरी हो गया है क्योंकि आजकल पेट संबंधी बीमारियां ज्यादा बढ़ने लगी हैं।