अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। गीता हमें संकुचन से विस्तार की ओर सूक्ष्म से विराट की ओर ले जाती है। गीता का केवल अध्ययन, श्रवण ही नहीं, उस पर मनन और उसके अनुरूप आचरण भी करना चाहिए। कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने रविवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ पर कहे। उन्होंने कहा कि गीता ज्ञान, आस्था और आचरण तीनों का स्रोत है। जीवन में ये तीनों ही तत्व आगे बढ़ने के लिए आवश्यक है, लेकिन इनका अनुपात संतुलन में होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत पर विदेशी हमलों का बार-बार होना इस बात का द्योतक है कि हमने आक्रमणकारियों के खिलाफ एकजुटता नहीं दिखाई और लड़ने का काम कुछ विशेष वर्गों पर ही छोड़ दिया। यदि मिलकर मुकाबला करते तो हमें गुलामी के दौर से गुजरना नहीं पड़ता। इसका अर्थ यह है कि केवल आस्था के भरोसे नहीं रह सकते, प्रयास और परिश्रम भी आवश्यक है। धनखड़ ने कहा कि गीता हमें यह सिखाती है कि पहले हम जीवन का लक्ष्य तय करें और फिर उसे प्राप्त करने के लिए पूरे मनोबल से आगे बढ़ें। इससे पहले भगवद्गीता यज्ञ का आयोजन हुआ। इसमें कृषि मंत्री के साथ उपायुक्त अजय सिंह तोमर, पुलिस अधीक्षक स्मिति चौधरी, अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार, एसडीएम ओमप्रकाश देवराला, नगराधीश मनीष कुमार फौगाट, भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशन शर्मा, नगर परिषद चेयरमैन संजय छपारिया, भाजपा नेता सोमबीर सांगवान ने आहुतियां अर्पित की। इसके बाद मुख्य अतिथि ने यहां आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस मौके पर जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक विजय कुमार, ब्रह्मकुमारी प्रेमलता, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश शर्मा, कुलदीप फौगाट, डीपीआरओ अमित पंवार, एपीआरओ सुखबीर फौगाट व अभिसार, मुकेश तंवर, केएल शर्मा, राधेश्याम, कार्यकारी अभियंता फूलसिंह, समुंदर जेई, डॉ. संजीव मड़िया, कर्ण सिंह सोनी, अनीता लुहाच, डॉ. दिलीप सिंह सांगवान आदि उपस्थित थीं।
इन विभागों के लगाए गए थे स्टाल
प्रदर्शनी में सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग, शिक्षा, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, कृषि, मत्स्य, पशुपालन, जनस्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, परिंदे कला ग्रुप, स्वास्थ्य एवं आयुष, सहकारी बैंक, एलडीएम, जिला सूचना एवं विज्ञान, खेल, नशा मुक्ति चेतना समिति, कल्याण, समाज कल्याण, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी, जिओ गीता, खाद्य एवं पूर्ति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आदि की स्टाल का कृषि मंत्री ने अवलोकन किया।
जीना यहां, मरना यहां...को मिली वाहवाही
इस अवसर पर आदर्श पब्लिक स्कूल ने गणेश वंदना, समूह गान, एक्शन सांग जीना यहां मरना यहां इसके सिवा जाना कहां, की शानदार प्रस्तुति दी। राकवमावि चरखी दादरी, राकवमावि गांव चरखी की छात्राओं ने भी समूह गान व लोकनृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया। वर्धमान स्कूल के विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण नृत्य की प्रस्तुति दी। उपायुक्त ने साथी अधिकारियों के साथ मुख्य अतिथि को शाल, गीता व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।