अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर गए एनएचएम कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल फिलहाल समाप्त हो गई है। लेकिन आगामी रणनीति की घोषणा चंडीगढ़ में चल रही वार्ता के बाद ही की जाएगी। एनएचएम कर्मचारियों की नजरें वार्ता के निर्णय पर टिकी हुई हैं। इससे पहले भी अनेक बार कर्मचारी हड़ताल कर चुके हैं। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिला में स्वास्थ्य सेवाएं दूसरे दिन भी प्रभावित रही। जिला में सबसे अधिक एंबुलेंस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। नियमित और ठेकेदार के चालकों के सहारे मात्र पांच एंबुलेंस ही चलाई गई हैं। अब शनिवार से स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर से पटरी पर लौटने की संभावनाएं हैं। अगर एनएचएम एसोसिएशन स्टेट बॉडी की तरफ से अगर हड़ताल को लेकर कोई अगर कोई नई घोषणा की जाती है तो उसके अनुसार ही कर्मचारी काम करेंगे। फिलहाल स्टेट बॉडी के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
तीन स्थानों पर चलाई पांच एंबुलेंस
जिला में केवल आपात सेवाओं के लिए एंबुलेंसों को मरीजों के लिए भेजा जा रहा था। हड़ताल के दूसरे दिन भी झज्जर व बहादुरगढ़ में दो-दो और एक एंबुलेंस मातनहेल अस्पताल की चलाई गई है। जबकि जिला में एंबुलेंस की 11 गाड़ियां अस्पतालों में खड़ी रही। जिसके कारण मरीजों के परिजनों को अपनी या प्राईवेट गाड़ियों का सहारा लेना पड़ा। इतना ही नहीं लोगों को प्रयोगशाला में भी कर्मचारियों की कमी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
हड़ताली कर्मचारियों की संख्या बढ़ी
एनएचएम कर्मचारियों की सं या में शुक्रवार को इजाफा हुआ है। वीरवार को झज्जर में 518 एनएचएम कर्मचारियों में से 210 एनएचएम कर्मी हड़ताल पर रहे थे । स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को इनकी सं या बढ़ कर 226 हो गई थी। जबकि एनएचएम कर्मचारियों के अनुसार हड़ताली कर्मचारियों की संख्या 258 रही है। इनके अलावा रोडवेज कर्मचारी यूनियनों, सर्वं कर्मचारी संघ के अलावा विभिन्न यूनयिनों के पदाधिकारी हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को समर्थन देने के लिए पहुंचे और धरने पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित किया। जिला भर के एनएचएम कर्मचारियों ने सामान्य अस्पताल में धरना दिया। धरने की अध्यक्षता स्टेट उपाध्यक्ष नवीन कुमारी और कार्यवाहक जिला प्रधान नवनीत छिकारा ने की। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारी कई बार अपनी मांगों को लेकर धरना दे चुके हैं और कई-कई दिनों तक हड़ताल भी कर चुके हैं। लेकिन सरकार वार्ता कर विश्वास दिलाती है कि उनकी मांगों को पूरा कर दिया जाएगा और बाद में उनको पूरा नहीं किया जा रहा है। बार-बार कर्मचारियों को आश्वासन दिया जा रहा है और मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस लिए उन्हें एक बार फिर से हड़ताल करने को मजबूर होना पड़ रहा है। अगर 15 दिन में उनकी मांगों पूरा नहीं किया गया तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएंगी।
झज्जर में 518 में दूसरे दिन 226 एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ा है। विभाग के पास नियमित कर्मचारी भी हैं और एनएचएम के कर्मचारी भी काम पर रहे हैं।
- डा. कुलदीप, उप सिविल सर्जन, झज्जर।