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सीवर की 40 इंची लाइन टूटी, एसटीपी तक पानी पहुंचना बंद

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को जाने वाली मेन 40 इंची लाइन टूटने से बेपटरी सीवर व्यवस्था अब और चरमरा गई है। लाइन टूटने से शहर की सीवर लाइनों का पानी एसटीपी तक नहीं पहुंच पा रहा है और अब शहर की सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। वहीं, इसके चलते सीवर लाइनें बैक मारने लगी हैं और दूषित पानी लाइनों में ही रुका हुआ है। जो सीवर लाइन टूटी हैं वो करीब सात साल पहले डाली गई थी और इसके जवाब देने से प्रशासन व विभाग भी बेबस नजर आने लगा है।
बुधवार को शहर से एसटीपी को जाने वाली मेन 40 इंची सीवरेज लाइन अचानक टूट जाने पर शहर की सीवरेज व्यवस्था के हालात खराब होने लगे हैं। दूषित पानी की अब निकासी नहीं हो पा रही है। ढाणी ओवरब्रिज के समीप होते हुए एसटीपी तक पानी पहुंचाने के लिए विभाग ने 40 इंची पाइप लाइन बिछा रखी है। इस पाइप लाइन के जरिये दूषित पानी एसटीपी तक पहुंचता है। पहले ही शहर की सभी सीवरेज लाइनें ब्लॉकेज बनी हुई हैं। अब यह मेन लाइन टूट जाने पर शहर के हालात खराब होने लगे हैं। सभी लाइनें रुकी पड़ी हैं और पानी एसटीपी तक पहुंचना बंद हो गया है। इसके चलते शहर की सभी लाइनों में दूषित पानी का स्तर बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अब लेवल में नीचे पड़ने वाले मकानों में शौचालयों के जरिये घरों में सीवरेज बैक मारने की स्थिति बन गई है।
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पानी का उठान न होने से दबाव से टूटी लाइन
एसटीपी पर लगी कम क्षमता की मोटरों से पानी का उठान भी नियमित रूप से नहीं हो पा रहा था। इस वजह से लाइनों में पानी का दबाव बढ़ गया जिससे लाइन टूट गई। दिल्ली बाईपास के समीप यह 40 इंची लाइन टूटी है। विभाग को पता चलने पर अब इसे ठीक करने की कोशिश की जा रही है ताकि जैसे-तैसे शहर से पानी की निकासी की व्यवस्था हो सके लेकिन एसटीपी का स्टोरेज पौंड ओवरफ्लो होने की वजह से पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इस कारण शहर के विभिन्न भागों में जगह-जगह सीवरेज का पानी सड़कों पर जमा है।
डीसी से मुलाकात कर पार्षदों ने 15 को दी थी तालाबंदी की चेतावनी
इस समस्या के लिए डीसी व विभाग अधिकारियों से शहर के पार्षद भी मिल चुके हैं। आम लोग तो सीवरेज परेशानी संबंधी शिकायत अपने वार्ड पार्षद से कर रहे हैं और पार्षद एकत्र होकर अधिकारियों से भी मिल चुके हैं लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। दो दिन पहले विधायक राजदीप फौगाट के नेतृत्व में पार्षद डीसी से मिले थे और उन्होंने एक सप्ताह में समाधान नहीं होने पर 15 अक्तूबर को जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय को ताला जड़ने की चेतावनी दी थी।
पार्षद बोले: अधिकारी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं
शहर की सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने की कोई अधिकारी जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। वार्ड के लोगों की सीवरेज संबंधी इस समस्या का समाधान अकेले पार्षद नहीं कर सकते। इसमें विभाग अधिकारियों और प्रशासन का सहयोग भी जरूरी है। इसके लिए कोई स्थायी समाधान जल्द तलाशना चाहिए।
-रचना देवी, पार्षद वार्ड 20

अब शहर के एसटीपी को जाने वाली मेन 40 इंची लाइन टूट जाने से सीवरेज के हालात और खराब हो गए हैं। दूषित पानी शहर से नहीं निकलने की वजह से सीवरेज लाइन मेन हॉल तक भरने लगी हैं। अब आने वाले कुछ दिन में शौचालयों के जरिये लोगों के घरों में भी सीवरेज का पानी घुसने वाला है। प्रशासन व विभाग को इस पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
-आनंद महराणा, पार्षद वार्ड तीन

=हमारे वार्ड में सीवरेज बैक मारने से जगह-जगह दूषित पानी जमा है। वार्ड में एक साल से कुछ दूरी में सीवरेज लाइन टूटी पड़ी है। इसकी वजह से गली का भी निर्माण रूका हुआ है लेकिन विभाग कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। अब सीवरेज व्यवस्था ठप होने पर हालात खराब बने हुए हैं। वार्ड के लोग आए दिन उनके पास सीवरेज की शिकायत करने पहुंच रहे हैं।
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-रोहित कुमार, पार्षद वार्ड 21

वार्ड में सीवरेज के ढक्कन टूटे पड़े हैं। आए दिन हादसों का अंदेशा बना रहता है। वे कई बार लिखित में जनस्वास्थ्य विभाग से शिकायत कर चुके हैं लेकिन ढक्कन बदले नहीं जा रहे हैं। वार्ड के लोग परेशान हैं। विभाग को नए ढक्कन लगाने चाहिएं।
-विनोद वाल्मीकि, पार्षद वार्ड-11
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