चरखी दादरी। रोडवेज कर्मियों की प्रदेश स्तरीय हड़ताल का चरखी दादरी डिपो में कोई खास असर देखने को नहीं मिला। रोडवेज अधिकारियों ने हड़ताल के बेअसर होने का दावा किया है। डिपो परिसर में सुबह से लेकर शाम तक सभी रूटों पर बस सेवाएं सुचारु रहीं और डिपो परिसर से 135 बसें विभिन्न रूटों पर चलीं। वहीं, हड़ताल में शामिल होने और डिपो को ताला जड़ने व कर्मियों को बरगलाने के आरोप में सिटी थाना पुलिस ने इंटक व बीएमएस (भारतीय मजदूर संघ) यूनियनों के सात कर्मचारी नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनके खिलाफ एस्मा के तहत केस दर्ज किया गया। हालांकि शाम को इन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। वहीं, डिपो परिसर के महज दो प्रतिशत कर्मचारी ही हड़ताल पर रहे और इसका असर परिवहन सेवाओं पर कतई नहीं पड़ा। बुधवार को चरखी दादरी डिपो परिसर से करीब 38 हजार यात्रियों ने सफर किया जबकि रूटीन में करीब 43 हजार यात्री सफर करते हैं।
रोडवेज यूनियनों ने मंगलवार रात 12 बजे से ही हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी थी। इसे देखते हुए रोडवेज अधिकारी व जिला प्रशासन पूर्णतया अलर्ट रहा। दादरी बस स्टैंड परिसर पर रात करीब दो बजे ही भारी तादाद में पुलिस अधीक्षक ने पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया था। रोडवेज जीएम ने सात बसों को मंगलवार शाम ही सदर व सिटी पुलिस थानों में खड़ा करवा दिया था। सुबह करीब तीन बजे इंटक व बीएमएस यूनियनों से जुड़े कर्मचारी नेता बस स्टैंड परिसर पहुंचे और डिपो से बसें न चलने देने की चेतावनी दी। इसके बाद कर्मचारी नेताओं की रोडवेज अधिकारियों व पुलिस कर्मियों से कहासुनी भी हुई और सुबह करीब तीन बजे सिटी थाना पुलिस ने इंटक प्रधान राजेश रावलधी, संदीप व बलजीत सहित सतीश चंदेनी, भरपूर मिर्च, नरेश रावलधी व महासंघ से सूरज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के विरोध में रोडवेज कर्मचारी नेताओं ने नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया। इन कर्मी नेताओं को सिटी पुलिस थाने ले जाया गया और दोपहर बाद जीएम धनराज कुंडू की शिकायत पर इनके खिलाफ एस्मा के तहत केस दर्ज किया गया।
सुबह करीब चार बजे बस स्टैंड परिसर से बसों को आवागमन शुरू हो गया। पहली बस सुबह चार बजे दादरी से दिल्ली व चंडीगढ़ के लिए चली। सात बजे तक लंबे व लोकल रूटों के लिए 23 बसें रवाना की गई। जिला प्रशासन ने तहसीलदार व डीएसपी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। डिपो से बसों के आवागमन का सिलसिला बुुधवार शाम तक जारी रहा । वहीं, एडीसी मनोज कुमार भी सुबह करीब 11 बजे बस स्टैंड परिसर पहुंचे और बसों की संचालन व्यवस्था का जायजा लिया।
135 बसें दौड़ी सभी रूटों पर
चरखी दादरी डिपो में 146 बसें हैं। मौजूदा समय में इनमें से 11 बसें खराब होने के चलते वर्कशॉप में खड़ी हैं। इन बसों को छोड़कर डिपो परिसर से 135 बसें विभिन्न रूटों पर चलीं। वहीं, लोहारू सब डिपो से भी बसों का आवागमन सुचारु रूप से हुआ। चरखी दादरी रोडवेज डिपो परिसर में 590 कर्मचारी भी तैनात हैं और इनमें से महज 12 ही हड़ताल में शामिल हुए। इन 12 कर्मियों में पांच चालक, तीन परिचालक, एक वर्कशॉप कर्मचारी व तीन मैनेजमेंट सदस्य शामिल हैं।
छावनी बना बस स्टैंड, रोज गार्डन में बैठे रहे हड़ताल में शामिल कर्मी
बस स्टैंड परिसर पर झड़प की आशंका को देखते हुए पुलिस विभाग पूर्णतया मुस्तैद रहा और वज्र वाहन सहित करीब 100 से अधिक पुलिस कर्मी तैनात रहे। एस्मा लागू होने के चलते बस स्टैंड परिसर पर हड़ताल में शामिल कोई कर्मचारी नजर नहीं आया। हड़ताल में शामिल कर्मी दिनभर रोज गार्डन में बैठे रहे। वहीं, खुफिया विभाग इन कर्मियों की पल-पल की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देता रहा।
तीन साल तक की हो सकती है सजा
सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गौरव कुमार ने बताया कि रोडवेज जीएम की शिकायत पर कर्मचारी नेताओं पर एस्मा के तहत केस दर्ज किया गया है। इसमें तीन साल तक की सजा का प्रावधान हैं। उन्होंने बताया कि एस्मा के तहत मामला दर्ज होने पर उक्त कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई भी संभव है।
वरेन::
चरखी दादरी डिपो परिसर में चक्का जाम पूर्णतया बेअसर रहा और डिपो परिसर से सभी रूटों के लिए बसें चली। कुछ कर्मचारियों ने बस स्टैंड का गेट बंद करने और अन्य कर्मचारियों को बरगलाने का प्रयास किया था जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था। उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार इनके खिलाफ सिटी पुलिस थाने में शिकायत दी गई।
धनराज कुंडू, जीमए, चरखी दादरी रोडवेज डिपो