अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
अनाज मंडी में रखे गेहूं के करीब 80 हजार बैगों को खरीदने से मना करने पर भड़के आढ़तियों ने शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मंडी के गेट पर ताला जड़ दिया। आढ़तियों को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे एसडीएम ओमप्रकाश देवराला ने तीनों खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने एजेंसी अधिकारियों से खरीद बंद करने का कारण पूछा और संतोषजनक जवाब न देने पर उन्हें अंदर करने की चेतावनी दे डाली। करीब पांच घंटे बाद शाम साढ़े छह बजे आढ़तियों ने 14 मई को तीनों एजेंसियों द्वारा गेहूं खरीदने का आश्वासन मिलने पर मेन गेट से ताला खोला। अनाज मंडी में गत 30 अप्रैल से गेहूं की खरीद बंद हैं। वहीं, एसडीएम ने आढ़तियों को एजेंसियों के खिलाफ लिखित में शिकायत देने को कहा, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
मंडी के आढ़ती किसानों से गेहूं के करीब 80 हजार बैगों की खरीद कर चुके हैं, लेकिन अब एफसीआई, हैफेड व वेयर हाउस तीनों एजेंसियां इस गेहूं की खरीदने से मना कर रही हैं। आढ़तियों का कहना है कि बार-बार आग्रह करने के बाद भी एजेंसियों ने गेहूं की खरीद नहीं की। इसके विरोध में आढ़ती शुक्रवार दोपहर करीब सवा बजे एकत्र हुए और मंडी के मुख्य गेट को ताला जड़ दिया। तालाबंदी के करीब एक घंटे बाद एसडीएम ओमप्रकाश देवराला मौके पर पहुंचे। उनके सामने आढ़तियों ने अपनी समस्याएं रखीं और इस दौरान खरीद एजेंसियों के अधिकारियों पर गंभीर आरोप भी जड़े। आढ़तियों ने बताया कि गत 30 अप्रैल से गेहूं की खरीद नहीं हो रही है। खरीद एजेंसी अधिकारियों से जब इसका कारण पूछते हैं तो उच्चाधिकारियों के आदेश होने का तर्क दिया जाता है। खरीद एजेंसियों की ओर से कहा जाता है कि वे टारगेट के मुताबिक गेहूं की खरीद कर चुके हैं।
वेयर हाउस ने खरीदा 35 हजार क्विंटल गेहूं
अनाज मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने बताया कि वेयर हाउस ने तो इस बार करीब 35 हजार क्विंटल ही गेहूं खरीदा है, जबकि पिछली बार करीब डेढ़ लाख क्विंटल गेहूं की खरीद की थी। उन्होंने बताया कि जब कम खरीद करने का कारण पूछा तो पिछला स्टॉक खाली न होने का तर्क दिया गया।
आढ़तियों की समस्याओं सुनने के बाद एसडीएम ने तीनों खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को मौके पर बुलाया और खरीद बंद करने के लिए उनके पास पहुंचे आदेशों की कॉपी मांगी। इस दौरान ऐसा कोई आदेश पत्र और संतोषजनक जवाब न मिलने पर एसडीएम भड़क गए। उन्होंने खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। यहां तक की उनकी मनमानी से खफा एसडीएम ने उन्हें अंदर कराने की चेतावनी तक दे डाली। एसडीएम ने तीनों एजेंसियों को 14 मई को सरसों खरीद करने के आदेश दिए और इसके बाद आढ़तियों ने बैठक करके एसडीएम के आश्वासन को मानते हुए मंडी के गेट से ताला खोल दिया।
डीसी ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को लिखा पत्र
उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास से पत्र लिखकर किसानों की मंडी में आ चुकी सरसों और गेहूं की फसल को खरीदने की विशेष अनुमति देने का अनुरोध किया है। उपायुक्त ने पत्र में कहा है कि जिले की दादरी और बाढड़ा की अनाज मंडी में किसानों की गेहूं व सरसों की काफी मात्रा में फसल आई हुई है। सरकार के पूर्व में जारी निर्देशों के अनुसार फसल खरीद का कार्य बंद हो गया है, जिसके कारण इन किसानों को दिक्कत आ रही है। तोमर ने परिवर्तन योजना की समीक्षा के लिए दादरी पहुंचे हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण से भी अनुरोध किया कि वे इस मामले को लेकर मुख्यालय पर उच्च अधिकारियों को वर्तमान स्थिति से अवगत करवाएं।
बोले आढ़ती
खरीद एजेंसियां अब आढ़तियों के पास से गेहूं नहीं खरीद रही। एजेंसियां इसका कारण उच्चाधिकारियों के आदेश बता रही हैं। लेकिन एसडीएम को ऐसा कोई आदेश पत्र अधिकारी नहीं दिखा पाए।
- दीपक, आढ़ती।
मंडी में किसानों का गेहूं अभी आढ़तियों के पास पड़ा है और खरीद एजेंसियों इसे खरीदने से मना कर रही है। ऐसे में आढ़ती किसानों को पेमेंट भी नहीं दे पा रहे। किसान व आढ़ती दोनों परेशान हैं।
- जगदीश, आढ़ती।
अभी भी मंडी में करीब 40 से 45 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद होनी बाकी है। एजेंसियों का कहना है उनका टारगेट पूरा हो चुका है। अब आढ़ती किसानों की पेमेंट को लेकर असमंजस में हैं।
- विनित सांगवान, आढ़ती।
खरीद एजेंसी के अधिकारियों ने गत 30 अप्रैल के बाद से ही गेहूं की खरीद नहीं की है और इसके चलते किसान और आढ़ती दोनों ही परेशान हैं। गेहूं में अभी काफी तादाद में गेहूं पड़ा हुआ है।
- नरेंद्र, आढ़ती।
वर्जन
तालाबंदी की सूचना पाकर अनाज मंडी पहुंचकर आढ़तियों और खरीद एजेंसी के प्रतिनिधियों से बातचीत की। आढ़तियों से लिखित शिकायत मांगी गई है, ताकि आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
- ओमप्रकाश देवराला, एसडीएम।