अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
गुजरात के जाम नगर से एलपीजी लेकर दिल्ली के घेवरा स्थित आईओसी गैस प्लांट जा रही गाड़ी के एक वैगन से एलपीजी का रिसाव होने से बहादुरगढ़ स्टेशन पर हड़कंप मच गया। 32 वैगनों की इस गाड़ी के एक वैगन से गैस रिसाव होने की जानकारी रेलवे को रोहतक स्टेशन से ही मिल गई थी। लेकिन ओएचई बंद न होने के कारण गैस रिसाव में ही गाड़ी को रोहतक से 41 किलोमीटर दूर बहादुरगढ़ स्टेशन पर भेज दिया गया। बहादुरगढ़ में ओएचई बंद होने के बाद यहां आईओसीएल के कर्मचारियों ने गैस रिसाव बंद किया। समय रहते यदि गैस रिसाव बंद नहीं किया जाता तो पूरा बहादुरगढ़ दहल जाता। समय रहते बहादुरगढ़ स्टेशन पर रिसाव बंद कर दिया गया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
जानकारी के अनुसार एलपीजी वैगन से रिसाव की सूचना जैसे ही रोहतक में मिली तो वहां इसे रोक दिया गया। इसके बाद दिल्ली के घेवरा प्लांट से आईओसीएल की टीम रोहतक के लिए निकली, लेकिन ओएचई लाइन बंद न होने के कारण गाड़ी को रोहतक से बहादुरगढ़ भेज दिया गया। बहादुरगढ़ स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-3 पर रोकी गई इस गाड़ी के लीक वैगन से तेज दुर्गंध आ रही थी। गाड़ी के बहादुरगढ़ पहुंचने से पहले ही आईओसीएल के घेवरा प्लांट से टीम यहां पहुंचकर अलर्ट हो गई थी।
गाड़ी के बहादुरगढ़ आते ही दिल्ली से रेलवे के ओएचई की टीम ने यहां पहुंचकर लूप लाइन की विद्युत सप्लाई बंद करवाई। इससे पहले जीआरपी की टीम ने पूरे प्लेटफार्म को खाली करवा दिया। आसपास हर तरह की ज्वलनशील गतिविधियां तुरंत रोक दी गई। ओएचई लाइन बंद होने के बाद आईओसीएल की टीम रिसाव बंद करने के लिए वैगन पर चढ़ गई। कुछ ही मिनट में वॉल्व को ठीक करके गैस रिसाव रोक दिया गया। जब रिसाव पूरी तरह से रुक गया तो विद्युत सप्लाई चालू करवाकर गाड़ी को घेवरा प्लांट के लिए रवाना कर दिया गया।
वर्जन
वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक यशपाल मीणा का कहना है कि यह बड़ी घटना नहीं थी। वैगन के वॉल्व का नट ढीला होने से गैस लीक हुई थी। आईओसीएल की टीम ने उसे तुरंत बंद करके 15 मिनट में ही गाड़ी को रवाना कर दिया। इससे दूसरी गाड़ियों के परिचालन पर भी कोई असर नहीं पड़ा।
फायर ब्रिगेड को भी नहीं दी सूचना
लीक वैगन वाली गाड़ी के रोहतक से बहादुरगढ़ स्टेशन के लिए चलने से पहले ही रेलवे ने अपने स्तर पर तैयारी कर ली। यहां लगे अग्निशमन यंत्र लेकर कर्मचारी प्लेटफार्म पर अलर्ट हो गए। न जाने फायर ब्रिगेड को बुलाना क्यों जरूरी नहीं समझा गया। गनीमत रही कि कोई अनहोनी नहीं हुई, लेकिन रेलवे की तरफ से सूचना न देना या फिर फायर ब्रिगेड का न पहुंचना सवाल खड़े कर रहा है। उधर, रेलवे स्टेशन के निकट स्थित फायर स्टेशन इंचार्ज प्रदीप खत्री का कहना है कि फायर ब्रिगेड को रेलवे की तरफ से कोई सूचना नहीं मिली। फायर ब्रिगेड नहीं मांगी गई। यदि सूचना मिलती तो मौके पर पहुंचने में चंद मिनट भी नहीं लगते।