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कृषि मंत्री ने की थी घोषणा, 15 मार्च से शुरू होगी खरीद, डीएम हैफेड ने दिया तर्क, नमी है ज्यादा, 10 दिन करना होगा इंतजार

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अमर उजाला ब्यूरो
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झज्जर।
सरसों खरीद को लेकर मंत्री के बयान और अधिकारियों की बातों से विरोधाभास पैदा हो गया है। कृषि मंत्री ने कुछ दिन पूर्व बयान दिया था कि प्रदेश की 28 मंडियों में 15 मार्च से सरसों की खरीद शुरू कर दी जाएगी। लेकिन अमर उजाला टीम ने बुधवार को सरसों खरीद की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अनाज मंडी का दौरा किया तो पाया कि वहां पर ऐसी कोई तैयारियां नहीं मिली। जिस पर अमर उजाला ने खरीद एजेंसी हैफेड के अधिकारियों से इस बारे जानकारी ली तो पता चला कि हैफेड सरसों खरीद करीब दस दिन बाद शुरू करेगी। इसके पीछे अधिकारियों का तर्क यह था कि अभी नमी की मात्रा ज्यादा चल रही है। किसान जब सरसों को सूखा कर मंडी लाएंगे तो इसकी खरीद की जाएगी।
हर गांव के लिए बनेगा शेड्यूल
हैफेड के द्वारा सरसों खरीद के लिए शेड्यूल बनाया जा रहा है। इसके लिए उन्हें फसल की गिरदावरी रिपोर्ट चाहिए, जोकि अभी हैफेड को नहीं मिली है। हैफेड पहले गिरदावरी रिपोर्ट लेगा, उसके बाद डीसी से बातचीत कर गांवों का शेड्यूल बनाएगा। जिले के हर गांव के लिए सरसों खरीद का अलग-अलग दिन निर्धारित किया जाएगा। निर्धारित दिन को ही संबंधित गांव के किसान की सरसों खरीदी जाएगी।
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जगह तलाशेंगे अधिकारी
हैफेड के द्वारा सरसों खरीद इस बार अनाज मंडी की बजाए किसी दूसरी जगह पर की जाएगी। इसके पीछे तर्क यह है कि गेहूं की आवक शुरू होने के बाद मंडी में जगह कम पड़ जाती है। वीरवार को हैफेड के डीएम डीसी से मिलकर सेक्टर-6 या सेक्टर-9 के ग्राउंड को लेकर चर्चा करेंगे। इन दोनों जगहों में से एक सरसों खरीद के लिए फाइनल हो सकती है।

सरसों खरीद में आढ़तियों का रोल खत्म
सरसों खरीद में हैफेड आढ़तियों की बजाए अपनी सोसायटी का सहारा लेगा। हैफेड अगर आढ़तियों से सरसों की खरीद कराता है तो ढाई प्रतिशत कमीशन आढ़ती को देना पड़ता है। लेकिन सोसायटी यही काम केवल एक प्रतिशत में करेगी। हैफेड के इस फैसले से आढ़तियों में भी रोष है।

सरसों की इतनी है जिले में पैदावार
झज्जर जिले में इस बार 32 हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई हुई है। वहीं, कृषि विभाग के उपनिदेशक के अनुसार इस बार प्रति हेक्टेयर उत्पादन 23 क्विंटल रहने की उम्मीद है। इसके अनुसार जिले में इस बार सात लाख 36 हजार क्विंटल सरसों की पैदावार होगी।

नियमों में उलझाती है सरकार : बैनीवाल
सरकार हमेशा ही किसानों को नियमों में उलझाती रहती है। सरसों में नमी व सफाई के नाम पर किसानों को फसल में कटौती लगा दी जाती है। अगर इस बार सरसों व गेहूं खरीद में किसानों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया गया तो वे आंदोलन करेंगे।
- जयप्रकाश बैनीवाल, जिला प्रधान, किसान यूनियन।

गलत कर रही हैफेड : पहलवान
मंडी में अगर आढ़तियों से सरसों नहीं खरीद करवाई जाएगी तो फिर आढ़तियों का क्या काम है। हैफेड को ध्यान रखना चाहिए कि आढ़ती फसल को पूरी तरह से तैयार कर उनके गोदाम तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। इससे हैफेड का काम आसान हो जाता है। आढ़ती इस बारे में वीरवार को चर्चा करेंगे।
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- चांद पहलवान, पूर्व प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन।

वर्जन
नमी की मात्रा अधिक होने के चलते 15 मार्च से खरीद शुरू कर पाना संभव नहीं है। गांवों की गिरदावरी रिपोर्ट लेकर उनके लिए शेड्यूल बनाया जाएगा। हर गांव के लिए सरसों खरीद का अलग दिन निर्धारित किया जाएगा। सरसों की खरीद के लिए सेक्टर-6 या 9 में से एक जगह का चयन किया जाएगा।
- सुरेंद्र चौधरी, डीएम, हैफेड।
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