अमर उजाला ब्यूरो
बादली (झज्जर)।
तहसील बादली में तहसीलदार और पटवारियों के बीच चल रहा विवाद अभी तक शांत नहीं हुआ है। मंगलवार को एक बार फिर विवाद बढ़ गया। तहसील में तहसीलदार को देखकर पटवारी फिर भड़क गए और काम काज छोड़कर पटवार भवन खाली कर दिया। वहीं मामले की सुलह कराने आए 35 गांवों के मौजिज लोगों ने पटवारियों के खिलाफ रोष प्रस्ताव पारित कर कर सीएम विंडो में शिकायत दे दी।
दरअसल, इस मामले में चार रोज पूर्व जिला प्रशासन ने तहसीलदार को छुट्टी पर भेजे जाने के बाद आंदोलन कर रहे पटवारियों की हड़ताल खत्म कराकर थोड़ी राहत की सांस ली थी। लेकिन मंगलवार को एक बार फिर से यह विवाद उस समय गरमा गया जब पटवार भवन में मौजूद पटवारियों ने छुट्टी पर गए तहसीलदार को तहसील परिसर में देखा। तहसीलदार कंवल सिंह यादव व कानूनगो गजे सिंह को बादली क्षेत्र के करीब 35 गांवों की पंचायत ने इन दोनों के बीच चल रही रस्साकसी में सुलहनामे के लिए बुलाया था। इसी बुलावे पर तहसीलदार कंवल सिंह यादव पंचायत में भाग लेने पहुंचे थे, लेकिन तहसील परिसर मेें घुसते ही जब वहां मौजूद पटवारियों को उनके आने का पता चला तो वह कार्यालय छोड़कर वहां से चले गए।
उधर, मंगलवार को बादली तहसील परिसर में हुई 35 गांवों की पंचायत में तहसीलदार कंवल सिंह यादव तो पहुंचे, लेकिन विवाद का मुख्य सूत्रधार रहे कानूनगो तहसील में तो आए लेकिन वह पंचायत के बुलावे पर पंचायत में नहीं पहुंचे। बाद में पंचायत में शामिल ग्रामीणों को जब इस मसले पर पटवारियों के पटवार भवन खाली करने व तहसील से चले जाने का पता चला तो काफी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने वहां पर जमकर नारेबाजी की। बाद में सभी पटवारियों की एक लिखित शिकायत भी पंचायत में मौजूद लोगों द्वारा सीएम विंडो पर लगाई गई जिसमें सभी पटवारियों का तबादला करने और राजस्व रिकार्ड की खामियों को दूर करने की मांग की। यहां बता दें कि इससे पहले भी क्षेत्र के कई गांवों की पंचायत पटवारियों व कानूनगो के खिलाफ भ्रष्टाचार करने की शिकायत संबंधी एक ज्ञापन एसडीएम त्रिलोक चंद को सौंप चुकी है।
ऐसे बढ़ रहा है विवाद
27 दिसंबर को तहसीलदार से विवाद के चलते सभी पटवारी और कानूनगो हड़ताल पर चले गए। 28 दिसंबर को भी कोई पटवारी काम पर नहीं आया। 29 दिसंबर को जिला लघु सचिवालय पर सभी पटवारियों ने प्रदर्शन किया और बादली के एसडीएम ने विवाद को सुलझाते हुए तहसीलदार के छुट्टी पर चले जाने की बात कहकर पटवारियों की हड़ताल समाप्त करवाई। 30 और 31 दिसंबर को तहसील छुट्टी रही। पहली जनवरी को तहसीलदार छुट्टी पर रहे जबकि 2 जनवरी को तहसीलदार के तहसील में पहुंचते ही सभी पटवारी और कानूनगो काव्मकाज छोड़कर पटवार खाने से चले गए।
ये है मामला
बादली तहसील में कार्यरत कानूनगो गजे सिंह 27 दिसंबर को कार्यालय में देरी से पहुंचे थे। तहसीलदार कंवल यादव ने जब देरी से आने पर फटकार लगाई तो दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और बीच बचाव के लिए बादली पुलिस को आना पड़ा। बाद में तहसीलदार कंवल यादव ने कानूनगो के व्यवहार की शिकायत पुलिस में दी। जवाब में सभी पटवारी और कानूनगो कामकाज छोड़कर हड़ताल पर चले गए।