ग्रामीण उपभोक्ताओं को भरना होगा दोगुना मासिक पेयजल बिल
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
इंदिरा गांधी पेयजल योजना के तहत अब पेयजल उपभोक्ताओं को अब पेयजल बिलों में छूट नहीं मिलेगी। वहीं ग्रामीण अनुसूचित जाति वर्ग के पेयजल उपभोक्ताओं को 10 की बजाय 20 ग्रामीण सामान्य वर्ग के पेयजल उपभोक्ताओं को 20 की बजाय 40 रुपये प्रति माह पेयजल बिल चुकाना होगा। अनुसूचित जाति वर्ग के पेयजल उपभोक्ताओं को अब इंदिरा गांधी पेयजल योजना के तहत छूट की सुविधा नहीं मिलेगी। हैड ऑफिस से जनस्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में पत्र मिल चुका है। शहर के बिलों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
शहर के बिल इस समय 60 रुपये प्रति माह हैं। जिले में इस समय साढ़े 34 हजार पेयजल कनेक्शन हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में 23 हजार पेयजल कनेक्शन हैं। सरकार ग्रामीण पेयजल उपभोक्ताओं के मार्च 2015 तक के पानी के बिल पहले ही माफ कर चुकी है। गांवों में इस समय 20 प्रतिशत उपभोक्ता ही पेयजल का नियमित रूप से भुगतान कर रहे हैं। इस प्रकार पानी के बिलों का बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकार गांवों के पेयजल सिस्टम को ग्राम पंचायतों के अधीन करने पर भी काफी दिनो से विचार कर रही है ताकि जैसे भी हो सरकार नहंीं तो पंचायत के राजस्व में तो बढ़ोतरी हो। गांवों के लोग बिना विभाग की अनुमति के ही पेयजल कनेक्शन लगा लेते हैं। विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगती जबकि कनेक्शन लेने की फीस 500 रुपये ही है। विभाग की ओर से भी अब तक ऐसे लोगों के खिलाफ किसी प्रकार की सख्ती नहीं बरती गई है। इतना ही नहीं विभाग गांवों व शहर में नियमित रूप से पेयजल के बिल भी नहीं भेजता रहा है। नियमित रूप से बिल भेजने पर बिल जमा करने के इच्छुक उपभोक्ता भी समय पर बिल जमा नहीं कर पाते जिससे सरकार के राजस्व पर प्रतिकूल असर पड़ता है। विभाग को लगातार घाटा झेलना पड़ रहा है।
बाक्स: 20 की बजाय भरना होगा अब 40 रुपये बिल
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के 58 जलघरों के जरिए गांवों व शहर में पानी की आपूर्ति करता है। इतना जरूर है कि कई गांवों में विभाग नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। नहरों के जरिए इन जलघरों में पानी नहीं पहुंच पाता ऐसे में ग्रामीण खेतों में लगे ट्यूबवेल, हैंडपंप व अन्य संसाधनों के जरिए पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। पिछले कई वर्षों से विभाग ग्रामीण उपभोक्ताओं से मात्र 20 रुपये प्रति माह ही वसूलता रहा है जबकि अनुसूचित वर्ग के लिए यह बिल राशि मात्र 10 रुपये थी। अब विभाग ने यह बिल चार्ज सामान्य वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए प्रति माह 20 से बढ़ाकर 40 रुपये कर दिया है। इस संबंध में विभाग के पास हैड ऑफिस से पत्र आ चुका है। शहर में यह बिल चार्ज प्रतिमाह 120 रुपये है जिन उपभोक्ताओं ने अपने कनेक्शन पर पानी का मीटर लगवा रखा है उससे 60 रुपये प्रति माह चार्ज लिया जाता है।
बाक्स:-- अनुसूचित वर्ग के उपभोक्ताओं को नहीं मिलेगी सुविधा
अब अनुसूचित जाति वर्ग के पेयजल उपभोक्ताओं को पेयजल बिलों में छूट नहीं मिलेगी। अनुसूचित जाति वर्ग के उपभोक्ताओं का बिल चार्ज भी अब 10 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये कर दिया गया है। यह 10 रुपये की छूट इंदिरा गांधी पेयजल योजना के तहत दी जा रही थी। यह योजना पिछले करीब चार साल से चली आ रही थी।
गांवों की बकाया राशि का आंकड़ा पहुंचा 60 लाख
विभाग इस समय प्रति छह माह में एक बार बिलों की वसूली करता है। विभाग ने एक साल के बिल भुगतान की भी व्यवस्था कर रखी है यह उपभोक्ता की स्वेच्छा पर निर्भर करता है। यह बढ़े हुए रेट जून माह से शुरू हुई छमाही से शुरू मान्य जाएंगे। गांवों में पेयजल बकाया राशि का आंकड़ा अब 60 लाख तक पहुंच गया है। चार माह पहले विभाग ने गांवों में पानी के बिल भिजवाए भी हैं लेकिन ग्रामीण पेयजल बिल का भुगतान करने में अभी भी रुचि नहीं ले रहे हैं। शहर में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या 60 प्रतिशत है जो पानी का नियमित रूप से बिल चुका रहे हैं।
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उपभोक्ताओं को पानी के बिल नियमित रूप से जमा करवाने चाहिए ताकि सरकारी राजस्व में इजाफा हो सके। लोगों को अपने वैध कनेक्शन भी अपने आप वैध करवाने चाहिए। विभाग सहयोग देने को तैयार है। रेट बढ़ाए जाने बारे हैड ऑफिस से पत्र आया है।
बिल इंचार्ज, रामरूप यादव, जनस्वास्थ्य विभाग