अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
शहर के बस स्टैंड में रोडवेज बसों की कमी का फायदा उठाकर कई रूटों पर अवैध तरीके से और खुलेआम प्राइवेट बसें चल रही हैं। ये बसें न केवल स्टाप से सवारियां उठाती हैं, बल्कि बस स्टैंड के अंदर से भी सवारियां भरती हैं। इससे रोडवेज विभाग को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को नहीं है, लेकिन अधिकारी भी जानबूझकर इस तरफ से आंखें मूंदे हुए बैठे हैं। पिछले दिनों एक प्राइवेट बस को यहां के बस स्टैंड में रोडवेज कर्मचारियों ने पकड़ा था। इसके बाद आरटीए विभाग को सूचना दी गई और इसका चालान किया गया था। इसके बावजूद इस तरह की बसों पर कोई रोक नहीं लग पाई है।
20 से 30 हजार यात्री जाते हैं गुरुग्राम
बहादुरगढ़ से प्रतिदिन गुुरुग्राम में नौकरीपेशा के लिए 20 से 30 हजार लोग बसों में यात्रा करते हैं। खास बात यह है कि बहादुरगढ़ बस स्टैंड में यहां से गुड़गांव के लिए केवल दो ही बसें चलाई जा रही हैं। इसका सीधा-सीधा लाभ प्राइवेट बसों के संचालकों को हो रहा है। हम आपको बता दें कि बहादुरगढ़-गुरुग्राम रूट पर लगभग 14 बसें प्रतिदिन चल रही हैं। इन बसों के न तो परमिट हैं और कई बसों के तो कागजात भी नहीं हैं, लेकिन फिर भी ये इस रूट पर धड़ल्ले से चल रही हैं।
रोहतक, गुरुग्राम रूट पर चल रही हैं अवैध बसें
बहादुरगढ़-गुरुग्राम की तरह बहादुरगढ़-रोहतक रूट पर भी बिना परमिट के बसों का संचालन हो रहा है। इसका अंदाजा बखूबी लगाया जा सकता है कि यह बस किस तरीके से चल रही हैं और इनकी तरफ कोई देखने वाला भी नहीं है। यहां पर भी प्रतिदिन हजारों यात्री इन बसों में सफर करते हैं। बहादुरगढ़ से गुरुग्राम जाने वाले यात्री सुनील कुमार, सतेंद्र, रमेश शर्मा, सुरेंद्र अहलावत ने बताया कि प्राइवेट बसों के परिचालक यात्रियों को टिकट नहीं देते और जब यात्री टिकट की मांग करते हैं तो वे उनसे झगड़ा करने पर भी उतारू हो जाते हैं। बस में सवारियां लेने के लिए तो बस को कहीं भी रोक देते हैं, लेकिन जब यात्री उतरने की बात कहता है तो बसों को सही स्थान पर नहीं रोकते।
बिना परमिट की बस को रोडवेज कर्मचारियों ने पकड़ा था
बहादुरगढ़ से रोहतक और गुरुग्राम रूट पर बिना परमिट और कागजातों के चलने वाली प्राइवेट बसों का संचालन नहीं रुक रहा है। पिछले दिनों यहां के रोडवेज कर्मचारियों ने रोहतक रूट पर चलने वाली एक प्राइवेट बस को बहादुरगढ़ के बस स्टैंड के अंदर पकड़ा था। इस बस में कई तरह के बोर्ड मिले थे, जिसमें भिवानी, गुड़गांव, नजफगढ़, दिल्ली सहित अन्य स्थानों के बोर्ड शामिल थे। रोडवेज कर्मचारियों के बस पकड़ने के बाद यहां पर काफी काफी हंगामा हुआ था।
दोपहर को पकड़ी थी बस, शाम को हुआ था चालान
हम आपको बता दें कि बहादुरगढ़-रोहतक रूट पर चलने वाली प्राइवेट बस के अवैध तरीके से चलने का खुलासा इस तरह हुआ था कि रोहतक से यह बस बहादुरगढ़ बस स्टेंड पर पहुंची थी। इस बस के परिचालक ने यात्रियों को दिल्ली उतारने के पैसे लिए थे, लेकिन उन्हें बहादुरगढ़ ही उतार दिया था। इससे यात्रियों ने हंगामा किया तो इसका खुलासा हुआ। इसके बाद रोडवेज कर्मचारियों ने बस को वर्कशॉप में बंद कर दिया था और बहादुरगढ़ से स्पेशल बस चलाकर यात्रियों को दिल्ली भेजा गया था। इस बस को करीब दो बजे बस स्टैंड पर कर्मचारियों ने पकड़ा, लेकिन इसके खिलाफ कार्रवाई होते-होते शाम हो गई थी और इसका चालान किया गया।
किस-किस रूट पर चल रही कितनी बसें
बहादुरगढ़-गुरुग्राम रूट पर स्थानीय बस स्टैंड से लगभग 14 बसें प्रतिदिन चलती हैं। इसी तरह बहादुरगढ़-रोहतक रूट पर 7-8 बसें चल रही हैं। इसके अलावा बहादुरगढ़-झज्जर व बहादुरगढ़-बेरी रूट पर सहकारी समितियों की बसें चल रही हैं। बहादुरगढ़-सोनीपत रूट पर भी 7-8 बसें सहकारी समिति की चल रही हैं। जो बसें सहकारी समिति की हैं उनकी ओर से रोडवेज विभाग को 1800 रुपये महीना पर्ची कटवाई जाती है, जबकि गुरुग्राम व रोहतक रूट वाली बसों की तरफ से किसी तरह की कोई पर्ची नहीं कटवाई जाती। ऐसे में विभाग को काफी नुकसान हो रहा है।
क्या कहते हैं एसडीएम
एसडीएम जगनिवास से का कहना है कि उनकी तरफ से इस दिशा में लगातार कार्रवाई की जा रही है। बुधवार को भी बसों के कागजात चेक किए गए थे। पिछले दिनों रोहतक रूट की एक बस का चालान किया गया था। उन्होंने एक बार फिर अवैध तरीके से चलाने वाले बस संचालकों को चेतावनी दी है कि वे गलत तरीके से बसों का संचालन न करें। अन्यथा उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- रोडवेज को लाखों रुपये के राजस्व का घाटा
- प्राइवेट बस के कंडक्टर नहीं देते यात्रियों का टिकट
- टिकट मांगने पर झगड़ा करने पर उतारू होते हैं चालक-परिचालक
- अधिकारियों की ओर से नहीं की जा रही कोई कार्रवाई