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शादी में 1000-500 से न करें शगुन

Sun, 13 Nov 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो/झज्जर,अमर उजाला
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शादी में 1000-500 से न करें शगुन - फोटो : अमर उजाला
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 कृपया 500 और 1000 के पुराने नोटों से शगुन की रस्म को पूरा न करें आप की उपस्थिति ही हमारे लिए अमूल्य उपहार होगा। इस रस्म को पूरी करने के लिए खुले पैसों का उपयोग करें या फिर नए नोट दें। अब इसे कोई जोक कहें या फिर समझदारी, लेकिन पुराने नोटों के फेरबदल ने हर आदमी को सचेत जरूर कर दिया है। अब विवाह शादियों के इस मौके पर कन्यादान आदि में इन पुराने नोटों को महज टुकड़ों की ही संज्ञा दी गई है। आजकल इस तरह की बातें शादी कार्डों पर देखने को मिल रही हैं।
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 इसके अलावा शहर के साथ-साथ गांवों में स्थित बैंक शाखाओं में भी नोट बदलवाने के लिए भीड़ उमड़ रही है। इन दिनों भीड़ 500 व 1000 के नोट बदलवाने के कारण बैंकों में भीड़ बढ़ने से ऐसा लगता था कहीं भगदड़ मच जाए तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। हां इतना जरूर है कि पुलिस द्वारा भी इस प्रकार की घटना के प्रति एहतियात बरता जा रहा है, लेकिन बैंक में अगर भीड़ में कोई भी दुर्घटना होती है तो पुलिस कर्मियों की मदद से इसको रोक पाना मुश्किल होगा। शनिवार को भी आम जनता के साथ-साथ व्यापारी भी नोट जमा करने में तत्पर दिखे। लगातार तीन दिन से एटीएम सुविधा भी अस्त व्यस्त होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 शनिवार की सुबह भी बैंक के गेट पर बड़े नोट बदलने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। भीड़ को काबू में करने के लिए बैंक खुलने से पूर्व ही पुलिस बल वहां तैनात कर दिए गए। जैसे ही बैंक खुले वे लोगों की भीड़ से खचाखच भर गए। बैंक प्रबंधकों ने काउंटर बढ़ाकर नोट बदलने की प्रक्रिया को शुरू किया। अनुरोध पत्र भरने के साथ ही पहचान पत्र लेकर नोट बदले गए। पुराने नोट बदलने व जमा करने का काम जैसे ही शुरू हुआ। लोगों के मन में बैठा डर खत्म हो गया। बैंक अधिकारियों का कहना है कि हफ्ते भर में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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ग्रामीण आ रहे ज्यादा पैसा लेकर
नोट बदलवाने के लिए आरबीआई द्वारा जारी की गई नियमावली का पता अब भी काफी ग्रामीणों को न होने के कारण वे तय सीमा से अधिक रुपये लेकर बैंकों में पहुंच रहे हैं, लेकिन सिर्फ 4000 रुपये ही बदले जाने के कारण उन्हें महज निराशा ही हाथ लग पा रही है। बैंकों ने लोगों व उपभोक्ताओं को यह हिदायत दी है कि नोट बदलने की अधिकतम सीमा 4000 रुपये है।

सीसीटीवी से हो रही निगरानी
बैंक में जो लोग नोट बदलने आ रहे हैं। आरबीआई के निर्देश पर उन्हें सीसीटीवी में कैद किया जा रहा है। यह फुटेज अगले पांच वर्षों तक सुरक्षित रहेंगे। इसके चलते नोट बदलने वालों का पूरा विवरण अलग रजिस्टर पर तैयार हो रहा है।

पैनकार्ड न होने से बढ़ी मुश्किलें
बड़ी धनराशि को बैंकों में जमा करने पहुंचे कई लोगों को पैनकार्ड न होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। किसी भी बैंक बड़ी धनराशि को जमा करने के लिए पैन कार्ड की आवश्यकता होती है, लेकिन कई बैंक खाता धारकों के पास पैन कार्ड न होने के कारण उन्हें इस धनराशि को लेकर वापस घर लौटना पड़ रहा है।

बाजारों में रहा ग्राहकों का अभाव
शुक्रवार को फैली सेल टैक्स की अफवाह के कारण बंद हुई दुकानें शनिवार को खुली, लेकिन यहां बिक्री और खरीदारी पहले की तुलना में बेहद कम रही। बड़े नोटों के बंद होने के चलते लेनदेन का जो कारोबार हुआ वह क्रेडिट के भरोसे हुआ। व्यापारियों ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही नए नोट हाथ में आ जाएंगे। उसके बाद लेनदेन पूर्व की भांति शुरू हो जाएगा।
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