झज्जर। जिले के तीन शहरों की श्मशान में पिछले 11 दिन मेें 100 लोगों की चिताएं चल चुकी हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का आंकड़ा 108 मौत पर ही अटका हुआ है। विभाग की तरफ से मौत के आंकड़ों को क्यों छुपाया जा रहा है। इस बारे में कोई भी अधिकारी ठोस जवाब नहीं दे पा रहा है। पिछले तीन दिन की बात की जाए तो 44 लोगों की चिताएं चलाई गई हैं, लेकिन विभाग मामलों की जांच किए जाने की बात कह कर पल्लू झाड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि पूरी कमेटी इन मामलों की जांच करती है। संबंधित अस्पताल से मेल आती हे। उसके बाद संबंधित एमओ से रिपोर्ट मंगवाई जाती है। एमओ की रिपोर्ट आने के बाद पूरी कमेटी व सीएमओ के हस्ताक्षर उस पर होते हैं। उसके बाद उसे रिकॉर्ड में चढ़ाया जाता है, लेकिन यह रिपोर्ट आने में कितने दिन लगते हैं इसके बारे में कुछ भी नहीं कहा जा रहा है। 19 अप्रैल से 29 अप्रैल तक नगर परिषदों व नगर पालिकाओं की ओर से 100 लोगों का कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार किया जा चुका है। वीरवार को झज्जर की श्मशान भूमि में पांच और बहादुरगढ़ में 7 कोरोना संक्रमित लोगों के शव विभिन्न अस्पतालों से पहुंचे हैं। जिनका अंतिम संस्कार नगर परिषदों के कर्मचारियों ने कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार किया है।
मंगलवार को 17, बुधवार को 15, वीरवार के 12 लोगों की चिताएं जलाई गई हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक भी मृतक की रिकार्ड में फिलहाल तक गणना नहीं की है। हालांकि मृतकों में दूसरे स्थानों के लोग भी शामिल हैं। जबकि जिले के लोग भी इनमें शामिल हैं, लेकिन विभाग आंकड़ों को क्यों नहीं दर्शा रहा है। इसके पीछे केवल कमेटी की जांच रिपोर्ट आने की ही बात कही जा रही है। जिले में विभाग के आंकड़ों के अनुसार 108 लोगों की मौत हुई है।
हर रोज काफी संख्या में कोरोना प्रोटोकॉल से शवों का अंतिम संस्कार, झज्जर, बेरी, बहादुरगढ़ में किया जा रहा है। वीरवार को विभिन्न अस्पतालों से 12 शव आए हैं। झज्जर व बहादुरगढ़ नगर परिषद के कर्मचारियों ने 12 लोगों का अंतिम संस्कार कोरोना प्रॉटोकॉल के तहत किया है।
- अरुण नांदल, ईओ नगर परिषद, झज्जर।
कोरोना से जिस भी व्यक्ति की मौत होती है तो संबंधित अस्पताल की तरफ से मेल आती है। उसके बाद संबंधित एमओ से रिपोर्ट मांगी जाती हे। उसके बाद कमेटी की तरफ से जांच की जाती है। कमेटी की तरफ से जब फाइनल रिपोर्ट दी जाती है। उसके बाद उन्हें रिपोर्ट में शामिल किया जाता है। दो लोगों की रिपोर्ट आई है, वह शुक्रवार को लिस्ट में शामिल की जाएंगी।
- डॉ. रणवीर सिंह, नोडल अधिकारी एवं उप सिविल सर्जन, झज्जर।