इस दौरान हुड्डा सरकार को जनविरोधी बताते हुए सरकार के घपलों, घोटालों और भ्रष्टाचार को उजागर किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार से समाज का हर वर्ग नाराज है।
इनेलो विधायकों द्वारा दिए जा रहे धरने और समानांतर सत्र का जब चंडीगढ़ पुलिस ने यह कहते हुए विरोध जताया कि यहां पर धारा 144 लगी हुई है।
तब इनेलो विधायक पुलिस की मौजूदगी में विधानसभा से लेकर हाईकोर्ट चौक तक पैदल सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए हरियाणा एमएलए होस्टल तक पहुंचे। फिर होस्टल के सामने धरना दिया और समानांतर सत्र चलाया।
जुलाना के विधायक परमिंद्र सिंह ढुल ने इस समानांतर सत्र में स्पीकर की भूमिका निभाई। इनेलो विधायकों व पुलिस के बीच थोड़ी नोक झोंक भी हुई।
समानांतर सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में भाग लेते हुए कलायत के विधायक रामपाल माजरा, इसराना के विधायक कृष्ण पंवार, मोहम्मद इलियास और कर्नल रघुबीर सिंह ने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति और किसानों की दयनीय हालत का उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार किसान विरोधी सरकार है। किसानों को उनकी फसलों के पूरे दाम नहीं मिलते।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यदि अपने आपको किसान हितैषी होने का दावा करते हैं। उन्हें सेज के नाम पर किसानों से ली गई सभी जमीनें वापस किसानों को लौटानी चाहिए। विधायकों ने कहा कि पिछले नौ सालों के दौरान हुड्डा सरकार ने एसवाईएल को पूरा करवाना तो दूर इसके लिए कोई प्रयास तक नहीं किया।
वरिष्ठ नेताओं ने शांत कराया
इनेलो विधायकों के धरने के दौरान विधानसभा के बाहर जैसे ही कांग्रेस विधायक शकुंतला खटक गुजरी, इनेलो विधायकों की ओर से नारेबाजी की गई।
जिसके बाद वे गाड़ी रोककर नीचे उतर गईं। कांग्रेस नेत्री और इनेलो विधायकों में बढ़ रही बात को देखकर वरिष्ठ इनेलो नेताओं और पुलिस ने मामला शांत करवाया।