13 नवंबर को कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर जींद रोडवेज वर्कशॉप में शनिवार को एचएसईबी, सर्व कर्मचारी संघ और सर्व कर्मचारी महासंघ की बैठक में एचएसईबी यूनियन ने संघ व महासंघ को खरी खोटी सुनाई। बवाल के बाद एचएसईबी यूनियन के पदाधिकारी बैठक से चले गए और कहा कि वे हड़ताल का समर्थन नहीं करेंगे।
शनिवार को जींद में आयोजित एचएसईबी, संघ और महासंघ की संयुक्त बैठक तमाशा बन गई। बैठक में हड़ताल को सफल बनाने के लिए तीनों संगठनों की एक संयुक्त तालमेल कमेटी बनाई जानी प्रस्तावित थी। लेकिन एचएसईबी के सदस्यों ने वर्कशॉप में बखेड़ा कर दिया। तीनों संगठनों के पदाधिकारी एक दूसरे पर ऐसे आरोप लगाने लगे कि उन्होंने उस हड़ताल में सहयोग नहीं किया। इसका जवाब जब दूसरे संगठन ने देना शुरू किया तो फिर तीसरे संगठन के पदाधिकारी बीच में बोल पड़े और कहा कि जिसको जो ठीक लगे वही करे। किसी पर दबाव बनाने की जरूरत नहीं है।
बैठक में इतना हल्ला होने के बाद एचएसईबी यूनियन के पदाधिकारी बैठक से बीच में चले गए और कहा कि हड़ताल करेंगे। लेकिन संघ व महासंघ का समर्थन कतई नहीं करेंगे। क्योंकि इन दोनाें संगठनों ने कर्मचारी हितों के लिए कोई कार्य नहीं किया।
इसके बाद एचएसईबी के पदाधिकारी अपने बिजली कार्यालय गए और वहां पर अलग से बैठक करके राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई। एचएसईबी वर्कर यूनियन की बैठक सर्कल रेस्ट हाउस में सर्कल सचिव शिव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में 13 नवंबर को आयोजित राज्यव्यापी हड़ताल को लेकर विचार किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि सर्व कर्मचारी संघ ने हमेशा बिजली कर्मियों के साथ विश्वासघात किया है। जिसके चलते बिजली यूनियन अपने दम पर हड़ताल को सफल बनाने का काम करेगी।
नगूंरा बिजली घोटाला प्रकरण में संघ व महासंघ ने बिजली कर्मचारियों को साथ नहीं था। इसी कारण वे बैठक का बहिष्कार करके चले आए थे।
शिव कुमार शर्मा, प्रवक्ता, एचएसईबी कर्मचारी यूनियन