केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंबाला छावनी में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की स्मृति में बने भव्य शहीद स्मारक का लोकार्पण किया। इसके उपरांत गांधी ग्राउंड में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि शहीदों ने अपना सर्वस्व बलिदान किया, तब जाकर हम आज का स्वाभिमानी और स्वतंत्र भारत देख पा रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि जो देश अपनी स्वतंत्रता की कीमत नहीं समझता और वीरों के बलिदान को स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज नहीं करता, वह देश कभी आगे नहीं बढ़ सकता।
गृह मंत्री अमित शाह ने 1857 की क्रांति के नायकों नाना साहेब पेशवा, महारानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, अजीमुल्ला खां, बेगम हजरत महल, अंतिम मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर और 80 वर्ष की उम्र में अदम्य साहस दिखाने वाले बाबू कुंवर सिंह के पराक्रम को नमन किया।
हरियाणा की माटी वीरों, किसानों और खिलाड़ियों की
गृह मंत्री ने हरियाणा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह वही पावन धरा है जहां वेदों की रचना हुई और सरस्वती का प्रवाह रहा। राजा नाहर सिंह और राव तुलाराम की वीर परंपरा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, छोटा राज्य होने के बावजूद भारतीय सेना में सबसे ज्यादा जवान हरियाणा से आते हैं। जब भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेलों की पदक तालिका बनती है। हरियाणा अव्वल रहता है। जब देश को खाद्यान्न की जरूरत थी, यहां के किसानों ने देश के अन्न भंडार भर दिए।