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एचआईवी पॉजिटिव दो जोड़े बंधेंगे परिणय सूत्र में

Thu, 19 Dec 2013 11:12 PM IST
अमर उजाला फरीदाबाद
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स्वास्थ्य विभाग जहां अभी तक एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की जांच, इलाज, काउंसलिंग तक ही सीमित रहता था, वहीं अब दो ऐसे जोड़ाें की शादी करवाने का गवाह बनने जा रहा है जो एचआईवी पॉजिटिव हैं।
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दो एचआईवी पॉजिटिव युवकों ने विभाग की डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बीना शर्मा को फोन पर संपर्क कर शादी करने की इच्छा जाहिर की है।

दोनों युवकाें की जांच बीके अस्पताल स्थित आईसीटीसी (इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर) में हुई थी और यहीं से इलाज चल रहा है।

काउंसलर ने बताया कि इनमें से एक युवक नोएडा में काम करता है। वह जिस युवती से शादी करना चाहता है वह भी नोएडा में काम करती है और एचआईवी पॉजिटिव है। स्वास्थ्य के पहलुओं को देखते हुए लड़की के परिजन इस शादी के लिए तैयार नहीं हैं। जबकि दूसरे जोड़े में युवक गुड़गांव और युवती दिल्ली में काम करती है। दोनों अपने परिजनों को एचआईवी पॉजिटिव होने की जानकारी देकर शादी करना चाहते हैं।

डॉ. शर्मा का कहना है कि विभाग दोनों के परिजनों की काउंसलिंग करके यह शादी करवाने की कोशिश करेगा।

विभाग निभाएगा मैच मेकर की भूमिका
-शर्मा ने बताया कि दोनों जोड़ाें के परिजनों को जनवरी-2014 में बुलाया गया है। दोनों जोड़ाें की बीमारी एवं इलाज के बारे में परिजनों से बात की जाएगी। उन्हें समझाया जाएगा कि इस तरह की शादी में क्या कांप्लीकेशन हो सकते हैं और कैसे सही जीवन जी सकते हैं। विभाग परिजनों को मनाने की पूरी कोशिश करेगा। यह एक बहुत अच्छी पहल है। क्योंकि दोनों एक दूसरे की पीड़ा को समझेंगे।
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- काउंसलर ने बताया कि इस तरह की शादी से एक लाभ यह होगा कि दोनों पीड़ित संक्रमण वाहक के रूप में काम नहीं करेंगे। क्योंकि, अगर संक्रमित व्यक्ति किसी स्वस्थ व्यक्ति से शादी करता है तो संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति अपनी स्थिति समझाने में हिचकिचाता है। लेकिन इस तरह के विवाह में ऐसा नहीं होगा।

दंपत्ति को हो सकेगी संतान
- काउंसलर ने बताया कि इस तरह शादी करने वाले दंपति टेस्ट ट्यूब व सेरोगेसी की सहायता से संतान सुख प्राप्त कर सकते हैं। दोनों ही पद्धतियों को अपनाने से पूर्व शिशु को वायरस मुक्त करने की प्रक्रिया की जाएगी। इसमें करीब 10 से 15 लाख रुपये तक का खर्च आएगा।
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