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युवा नौकरी लेने के बजाय देने वाली मानसिकता के साथ आगे बढ़ें: राष्ट्रपति

Mon, 10 Mar 2025 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हिसार के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह हिसार में
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हिसार। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवा शिक्षा पूरी होने के बाद नौकरी लेने के बजाय रोजगार देने वाली मानसिकता के साथ आगे बढ़ें। जॉब सीकर नहीं जॉब प्रोवाइडर बनें। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (गुजवि) के छठे दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचीं राष्ट्रपति ने कहा, डिग्री पाने वाली बेटियों की संख्या 60 फीसदी से अधिक हैं। पदक प्राप्त करने वालों में भी बेटियों की संख्या 75 फीसदी है। यह देश के विकास में बढ़ती महिलाओं का प्रमाण है। राष्ट्रपति ने इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार को पीएचडी की मानद उपाधि प्रदान की।
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राष्ट्रपति ने कहा, उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा के साथ-साथ शोध को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। बदलती ग्लोबल डिमांड के अनुसार युवा पीढ़ी को तैयार करना उच्च शिक्षण संस्थानों के समक्ष चुनौती है। देश के विकास के लिए यह भी आवश्यक है कि टेक्नोलॉजी गांव-गांव तक पहुंचे। उन्होंने कहा, यह सराहनीय है कि विश्वविद्यालय में इन्क्यूबेशन, स्टार्टअप के लिए स्पेशल डिपार्टमेंट बनाया गया है।
यह प्रयास विद्यार्थियों में इनोवेशन की भावना विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने 2090 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं। दोपहर बाद वे ब्रह्मकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में भी शिरकत करने पहुंचीं।
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डॉ. इंद्रेश कुमार को मानद उपाधि दी
दीक्षांत समारोह में आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार को मानद उपाधि दी गई। भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना, भारतीय मुस्लिम समाज में शिक्षा को प्रोत्साहन, गोसेवा एवं हिमालय की पवित्रता को बनाए रखने उनके विशिष्ट योगदान को देखते हुए इंद्रेश कुमार को मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान संकाय में डॉक्टर ऑफ सोशल साइंसेज की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
पहली बार मिली डिजिटल डिग्रियां

कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि विद्यार्थियों को पेपर डिग्री के साथ-साथ डिजिटल डिग्रियां भी दी गईं। डिजिटल डिग्री प्रत्येक विद्यार्थी की मेल पर भेज दी गई हैं। ऐसा करने वाला गुजवि प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। डिजिटल डिग्री का यह फायदा होगा कि कहीं भी विद्यार्थी की डिग्री को सत्यापित किया जा सकेगा। समारोह में 2,090 डिग्रियां दी गई हैं। इनमें से 561 पीएचडी की डिग्रियां हैं। इसके साथ ही 564 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक भी प्रदान किए गए।
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