पहलवान अंतिम पंघाल अपने परिजनों व ग्रामीणों के साथ धरना देते हुए
हिसार। वर्ष 2023 में सीनियर नेशनल चैंपियन में सिल्वर पदक विजेता पहलवान अंतिम पंघाल अपने परिजनों के साथ बुधवार को लघु सचिवालय के बाहर धरना देकर ट्रायल के आधार पर खिलाड़ियों को एशियन खेलों में भेजने की मांग की। खिलाड़ी ने कहा कि हमारी मांग नहीं मानी गई तो मैट पर जाकर विरोध करेंगे। इस मामले को लेकर हम हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
पहलवान अंतिम पहलवान ने कहा कि एशियन चैंपियनशिप के लिए ट्रायल चल रहा है। हमें कहा जा रहा है कि 53 किलोग्राम में ट्रायल तो लेंगे। हालांकि एशियाड के लिए विनेश फोगाट ही जाएंगी। ट्रायल लेने वाले कह रहे हैं कि अगर विनेश मना करेंगी तो ही आपके नाम पर विचार किया जाएगा। अब विनेश तो इन्कार करेंगी नहीं। 53 किलोग्राम भारवर्ग में ट्रायल लिए जाने चाहिएं। जो विजेता हो उसे एशिया खेलों के लिए भेजा जाए। मेरी पहले भी विनेश फोगाट के साथ कुश्ती हुई थी, जिसमें मेरे साथ चीटिंग हुई थी।
उसने कहा कि तब मैंने सोचा अगले साल एशियन चैंपियनशिप होगी तो मैं अच्छा अभ्यास करूंगी। अंडर 20 में मेरा गोल्ड मेडल आया था, तब मैं भारत की पहली महिला चैंपियन बनी थी। विनेश एक साल से इंजरी में होने के बाद उनको ही भेजा जा रहा है। तदर्थ चयन समिति जूनियर खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। मैं चाहती हूं कि सभी लड़की आवाज उठाएं।
अंतिम पंघाल ने कहा कि जब तक हमें न्याय नहीं मिलेगा तब तक धरना देंगी। अंतिम पंघाल ने कहा कि मुझे लगता है कि विनेश फोगाट का धरना ट्रायल से छूट पाने के लिए ही था। ओलंपिक मेडल विजेता साक्षी मलिक को छूट दी जाती तो समझ आता। विनेश फोगाट का ओलंपिक में भी मेडल नहीं है। ऐसे में उन्हें छूट क्यों दी जा रही है। अंतिम के पिता रामनिवास ने कहा कि मेरी बेटी ने पांच इंटरनेशनल मैच खेले हैं। पांचों में मेडल हासिल किए हैं। जूनियर पहलवानों के साथ धोखा न किया जाए। निष्पक्ष तरीके से ट्रायल लेकर विजेता खिलाड़ी को ही एशियन खेलों में भेजा जाए।