बास। बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने मंगलवार को गांव बास में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि घरों के ऊपर से गुजरने वाले बिजली के तारों को हटाने का कार्य 10 दिन में शुरू होगा। इस कार्य पर 151 करोड रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है।
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उन्होंने कहा कि गांव में तीन किलोमीटर की परिधि में आने वाली ढाणियों व खेतों में लोगों को बिजली उपलब्ध करवाने के लिए निगम की ओर से बिजली लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए किसी भी व्यक्ति से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। इससे अधिक दूरी होने पर भी आधा खर्च सरकार देगी, आधा मकान मालिक देगा। बिजली लाइन लॉस कुछ वर्ष पहले तक 31 प्रतिशत होता था उसे घटकर 9 प्रतिशत तक लाया जा चुका है। एक प्रतिशत लाइन लॉस घटाने का मतलब है 300 करोड़ रुपये बचाना। खेदड़ बिजली घर में एक यूनिट बिजली उत्पादन पर पांच रुपये खर्च आता है।
किसानों को सिंचाई के लिए 10 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से उपलब्ध कराया जा रहा है। बास गांव में पहुंचने पर बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह को सरपंच रोशन ने पगड़ी पहनाई। बड़छप्पर की ग्राम पंचायत ने भी कैबिनेट मंत्री को सम्मानित किया। इस अवसर पर सरपंच बलवान जांगड़ा, दीपक तंवर, विनोद मोर, चरण सिंह, ब्लॉक समिति के वाइस चेयरमैन राममेहर, पूर्व सरपंच भरत सिंह उपस्थित रहे।
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बास गांव में अब दो दिन बैठेंगे बिजली अधिकारी
बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने लोगों की समस्याओं सुनते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह कल से दो दिन के लिए गांव में बैठें। लोगों की बिजली संबंधी तमाम समस्याओं का समाधान करें। बिजली विभाग का उपमंडल कार्यालय बास गांव में स्थापित करने की मांग पर बिजली मंत्री ने कहा कि सभी बिजली उपभोक्ता अपने घरों के बाहर मीटर लगवाएं, तो यहां यह कार्यालय भी स्थापित करवा दिया जाएगा।