बास। गांव बास में पानी की समस्या को लेकर रविवार को चंडीगढ़-भिवानी रोड पर महिलाओं ने जाम लगा दिया। महिलाओं ने कहा कि वो लंबे समय से पानी की समस्या से परेशान हैं लेकिन उनकी समस्या का कोई हल नहीं हो रहा है। जिसके कारण उन्हें मजबूरी में जाम लगाना पड़ा।
महिलाओं ने आधे घंटे तक रोड जाम कर सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रोड जाम होने के चलते दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। जाम की सूचना मिलते ही बास थाना प्रभारी पवित्र कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं को समझाया और
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात कर जाम खुलवाया। महिलाओं ने एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह तहसील परिसर में धरना शुरू कर देंगी। जिसके बाद जाम में फंसे वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।
महिला राजेश देवी, आशा देवी, पूनम, भतेरी, शकुंतला, मुकेश देवी, नन्ही, सुमित्रा, रामरती, सुनीता व दर्शना इत्यादि ने बताया कि गांव बास बादशाहपुर, बास अकबरपुर, बास खुर्द, बास आजमशाहपुर उनकी चारों पंचायतों में पिछले कई वर्षों से पानी की बहुत ज्यादा किल्लत है। उनको 10 से 12 दिन में पानी मिल रहा है। अभी तो गर्मी की शुरुआत है जब भयंकर गर्मी पड़ने लगेगी तब पानी की क्या स्थिति होगी उनको अभी से नजर आने लगा है।
उनको न तो पीने लायक पानी मिल रहा है और न ही घरेलू कार्यों के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है। ऐसी स्थिति में उन्होंने विभाग के अधिकारियों के समक्ष भी कई बार अपनी बात रखीं लेकिन कोई समाधान नहीं होने की वजह से उन्हें आज मजबूरी में सड़क पर उतरना पड़ा। पिछले कुछ महीनों से 10-12 दिन में सिर्फ एक बार ही पानी की सप्लाई उनको मिलती है। जो पानी उनके घरों में आता है वह पीने लायक नहीं होता। रास्ते में जगह-जगह पर लीकेज हैं जिससे उनके घरों में दूषित पानी ही पहुंचता है।
उन्हें टैंकरों से पानी खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है। जलघर के टैंकों में गंदगी भरी पड़ी है। इन समस्याओं को लेकर वह जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को वह बार-बार अवगत करवा चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। हमारी मांग है कि नहर के पास एक ट्यूबवेल लगाया जाए और वहां से 8 इंची पाइप लाइन गांव में लाई जाए ताकि जिस समय नहर में पानी नहीं होता उस समय ट्यूबवेल से उनको सप्लाई मिल सके।
बास बस स्टैंड के पास जो अनाज मंडी का जलघर है उसके लिए नहर के पास एक ट्यूबवेल लगाकर वहां से पाइप लाइन की व्यवस्था की जा रही है। ताकि ग्रामीणों को जलघर के टैंक खाली होने पर वहां से सप्लाई दी जा सके। महाग्राम योजना के एस्टीमेट तैयार हो गए हैं। इस योजना में जलघरों में टैंक बढ़ाने की योजना तैयार की गई है लेकिन उसके लिए जमीन की दिक्कत आ रही है। जमीन मिलते ही टैंक बढ़ाए जाएंगे उसके बाद गांव से पानी की समस्या खत्म हो जाएगी।
प्रियवीर, जेई जनस्वास्थ्य विभाग।