रायपुर रोड के नजदीक बिजली घर कॉलोनी में शोक व्यक्त कर वापस घर जाने के लिए हाइवे किनारे बस के इंतजार में खड़े एक परिवार के ऊपर तेज रफ्तार गाड़ी कहर बनकर टूटी। कार की टक्कर से जहां एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई वहीं उसकी सास की टांग टूट गई। साथ खड़े लोग बाल बाल बचे। सास को उपचार के लिए शहर के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मृतका की पहचान फतेहबाद निवासी 35 वर्षीय सुनीता के रूप में हुई है। घायल बुजुर्ग सुनीता की सास मामो है।
मृतका के पति सूरजा उर्फ राजू ने बताया कि वह अपनी मामी तलवंडी निवासी फूलवती को साथ लेकर रायपुर रोड के नजदीक बिजली घर के पास स्थित कॉलोनी में अपने बुआ के लड़के का शोक व्यक्त करने के लिए आए हुए थे। शोक व्यक्त करने के बाद वे कॉलोनी से निकलकर हाइवे के किनारे खड़े हो गए। उन्हें वापस फतेहाबाद जाना था व मामी फूलवती को तलवंडी जाना था। चारों लोग सड़क के किनारे खड़े हो गए। दोपहर करीब डेढ़ बजे के आसपास एक तेज रफ्तार की कार ने उन्हें उड़ा दिया। गाड़ी इतनी तेज थी कि वे कुछ समझ पाते इससे पहले सुनीता कई फीट दूर जाकर गिरी और सूरजा की मां मामों की टांग टूट गई। सुनीता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मामले की सूचना उन्होंने पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया और शव का पोस्टमार्टम करवाया।
नहीं कंट्रोल हुई गाड़ी
फूलवती ने कहा कि गाड़ी इतनी तेज थी कि हादसे के बाद भी 100 मीटर दूर जाकर रुकी। ड्राइवर हालांकि खुद नीचे उतर कर आ गया। उसने सोचा की एक महिला की को चोट लगी है। गाड़ी का अगला हिस्सा भी बुरी तरह से डैमेज हो गया था।
महिला ने आधे घंटे तक नहीं छोड़ा ड्राइवर का गला
रिश्तेदार महिला की मौत के बाद अस्पताल में बिलख रही महिला फूलवती ने कहा कि हादसा अचानक कैसे हो गया उन्हें तो पता तक नहीं चला। सुनीता को गाड़ी वाला उड़ा गया हमें खुद को पता नहीं चला। जब उसे ढूंढा तो वह सड़क किनारे के पास काफी दूर पड़ी दिखाई दी। महिला का कहना है कि हादसा होते ही वह तो गाड़ी के पीछे दौड़ पड़ी। काफी दूर जाकर गाड़ी रुकी। जैसे ही ड्राइवर उतरा फूलवती ने उसका गला पकड़ा लिया। उसने तब तक उसका गला नहीं छोड़ा जब तक लोग एकत्रित न हो गए। आधे घंटे के बाद लोगों ने उससे ड्राइवर का गला छुड़वाया। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने गाड़ी भी कब्जे में ले ली।